जासं, हाथरस : कोरोना संक्रमण का खतरा अभी टला नहीं है। कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन ही सबसे सुरक्षित साधन है। निर्धारित आयु वर्ग के लोगों को समय पर दोनों टीके अवश्य लगवाने चाहिए। अस्पतालों के अलावा सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से कैंप लगवाकर टीके लगवाए जा रहे हैं। बार-बार बुखार आने पर जांच जरूर कराएं। आजकल सर्दी, बुखार से बचने के लिए एहतियात बरतें। आरटीपीसीआर भी कराते रहें। दैनिक जागरण की ओर से आयोजित प्रश्न पहर कार्यक्रम में सीएमओ डा. चंद्रमोहन चतुर्वेदी ने पाठकों के सवालों के जवाब में ये सलाह दीं। प्रस्तुत है चुनिंदा सवाल और उनके जवाब।

गांवों से लोग टीकाकरण के लिए नहीं निकल रहे हैं और स्वास्थ्य विभाग की ओर से वैक्सीनेशन कैंप भी नहीं लगवाए जा रहे हैं। इसके कारण टीकाकरण नहीं हो पा रहा है।

-मोहित, पाराशर रोहई

-स्वास्थ्य विभाग की टीम की ओर से स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा अन्य स्थानों पर कैंप लगाकर टीकाकरण की व्यवस्था की जा रही है। टीम भेजकर टीकाकरण करा दिया जाएगा।

वैक्सीन लगवाने के बाद बुखार क्यों आ रहा है। इसके लिए क्या करें?

-मनोज कुमार, सासनी

-शरीर में वैक्सीन लगने के बाद वह अपना असर दिखाती है। इससे बुखार आने की शिकायत रहती है। दो या तीन दिन पैरासीटामोल की एक-एक गोली दो बार लेते रहें। ठीक हो जाएगा।

मेरा बेटा 12 साल है। उसे बार-बार बुखार आ रहा है। ऐसे में क्या करना चाहिए?

हरीश गुप्ता, नयागंज चौराहा, हाथरस

-जिला अस्पताल में आकर बच्चे की खून की जांच करा लें। जांच के आधार पर डाक्टर के परामर्श पर इलाज कराएं।

डेंगू व बुखार की जांच के लिए नगला वीरसहाय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर कोई इंतजाम नहीं है। इससे निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है।

-श्रीकृष्ण शर्मा, जरेरा

-प्रभारी से बात कर वहां पर जांच के इंतजाम किए जाएंगे। मरीजों को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी।

लोग वैक्सीन को लेकर आशंकित है। इससे कोई नुकसान तो नहीं है?

-दुर्गेश, जारऊ, सादाबाद

-वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है। क्लीनिक ट्रायल के बाद ही सरकार इन्हें लगाने की मंजूरी देती है। कोरोना संक्रमण से बचने के लिए यही एकमात्र उपाय है। बुखार आने की चिता न करें।

परिवार के सदस्यों को सर्दी, बुखार व जुकाम की शिकायतें हैं। ऐसे में क्या करना चाहिए।

अनिकेत कुमार, सासनी

-नजदीकी सरकारी अस्पताल में जाकर जांच कराएं। आरटीपीसीआर भी जरूर करा लें।

गांव के बुजुर्ग टीकाकरण कराने नहीं जा पा रहे हैं। आसपास वैक्सीनेशन कराने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।

-अंकुर कौशिक, नगला मोती राय

-अधिक से अधिक लोगों को वैक्सीनेशन कराने के लिए कैंप लगवाए जा रहे हैं। प्रचार-प्रसार के माध्यम से लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर लैब टेक्नीशियन नहीं होने के कारण जांच नहीं हो पा रही है। जांच के लिए शहरों में जाना पड़ता है।

-अजय कुमार, बरसौली

-प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर सुविधाएं बढ़ाने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी से बात कर व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई जाएंगी।

Edited By: Jagran