टीम जागरण, हाथरस : जनपद में बुखार का प्रकोप थम नहीं रहा है। मंगलवार को मासूम बच्ची सहित दो लोगों की बुखार से मौत हो गई। जनपद में बुखार व अन्य बीमारियों से मौत का आंकड़ा 62 हो चुका है। वहीं डेंगू के केस 296 पहुंच गए हैं। सीएमओ डा. चंद्र मोहन चतुर्वेदी का कहना है कि लगातार टीम प्रभावित गांवों में जा रही है और दवाओं का वितरण किया जा रहा है। जहां जलभराव है वहां पर सफाई कराई जा रही है।

बिसावर पंचायत के गांव चहत्तर निवासी सात वर्षीय अवनी पुत्री मनोज को चार-पांच दिन से तबीयत खराब होने के कारण स्थानीय चिकित्सकों को दिखाने के बाद आगरा में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान सात वर्षीय मासूम की मौत हो गई। स्वजन डेंगू से मौत बता रहे हैं जबकि स्थानीय स्वास्थ्य विभाग ने इसकी पुष्टि नहीं की है।

सहपऊ क्षेत्र के गांव गुतहरा निवासी काली चरन के 28 वर्षीय पुत्र नंद किशोर को आठ दिन पूर्व बुखार आया था। स्वजन ने पहले उसका इलाज चार दिन सादाबाद व एक दिन आगरा में कराया था। आगरा में अधिक तबीयत खराब होने पर स्वजन उसे जयपुर ले गए जहां सोमवार की रात को उसकी मौत हो गई। मंगलवार की सुबह उसका शव आते ही परिवार में कोहराम मच गया। सीएचसी प्रभारी डा. प्रकाश मोहन का कहना है कि युवक की मौत जयपुर में हुई है। टीम भेजकर उनके परिवार की जांच कराई जाएगी। गांव में दवा का वितरण भी किया जाएगा।

कुरसंडा क्षेत्र के गांव नगला ध्यान में दो बच्चों को डेंगू की आशंका के चलते सादाबाद में एडमिट किया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। निशांत चौधरी 11 वर्ष व निशा चौधरी आठ वर्ष की जांच में डेंगू की आशंका बताई गई है। ग्रामीणों की मानें तो स्वास्थ्य विभाग ने एक महीने से अधिक समय से गांव में न तो दवा का छिड़काव करवाया और न कैंप लगाकर ब्लड की जांच की गई। ग्रामीणों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति आक्रोश व्याप्त है। शिविर लगाकर बांटी दवाएं

संसू, सिकंदराराऊ : बुखार के प्रकोप को ध्यान में रखते हुए नगर के मोहल्ला नौरंगाबाद पूर्वी में स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को स्वास्थ्य शिविर लगाया गया, जिसमें मरीजों की जांच की गई तथा दवाएं वितरित की गईं। इसके साथ ही मोहल्ले में एंटी लारवा का छिड़काव भी किया गया। चिकित्सा अधीक्षक डा. रजनीश यादव के निर्देशन में कैंप लगाकर बुखार से पीड़ित मरीजों की जांच की गई और उनको दवाएं दी गईं। सीचसी प्रभारी से डाक्टर की नोकझोंक, हंगामा

संसू, सहपऊ : कस्बा स्थित सीएचसी पर उस समय अजीबो गरीब स्थिति उत्पन्न हो गई जब दो डाक्टरों के बीच नोंकझोंक होने लगी।

मामला मंगलवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे का है। तब तक ओपीडी पर कोई डाक्टर नहीं था। इसकी शिकायत लोगों ने सीएचसी प्रभारी डा. प्रकाश मोहन से की। सीएचसी प्रभारी ओपीडी में आकर मरीजों को देखने लगे। इसके थोड़ी देर बाद ओपीडी के डाक्टर भी आ गए। सीएचसी प्रभारी ने लेट आने का कारण पूछा तो डाक्टर भड़क गए। दोनों में नोकझोंक होने लगी। बात बढ़ने लगी तो पूरे स्टाफ ने बीच-बचाव किया। उसी समय अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी भी सीएचसी पर आ गए। सीएचसी प्रभारी ने डाक्टर की शिकायत सीएमओ से की है। सीएमओ ने इस मामले की जांच एसीएमओ को सौंप दी है।

Edited By: Jagran