जासं, हाथरस : उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के तत्वावधान में खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन विभाग की ओर से व्यापारियों व उद्यमियों के लिए खाद्य पदार्थ की बिक्री के लाइसेंस बनाए गए। शिविर में एक साल से पांच साल की अवधि के 33 लाइसेंस बनाए गए। अगला शिविर सादाबाद में अग्रवाल सेवा सदन में सोमवार को सुबह दस बजे से लगाया जाएगा। सिकंदराराऊ और सासनी में भी शिविर लगाने की तैयारी चल रही है।

शुक्रवार को घंटाघर के गांधी चौक स्थित रघुनंदन अपनावाली धर्मशाला में आयोजित शिविर में ऑनलाइन लाइसेंस बनवाए गए। उन्हें हाथोंहाथ लाइसेंस दिए गए। व्यापारियों और उद्यमियों ने अपनी समस्याएं भी बताईं। अधिकारियों ने उनकी समस्याओं का समाधान किया। शिविर में अभिहित अधिकारी देवाशीष उपाध्याय, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी हरींद्र सिंह के अलावा खाद्य सुरक्षा अधिकारी वीएन कटियार, केएल वर्मा, अरविद कुमार, सुरेश कुमार, राकेश कुमार मौजूद रहे। व्यापार मंडल की ओर से प्रदेश उपाध्यक्ष मदनमोहन अपना वाले, जिलाध्यक्ष अनुभव अग्रवाल, जिला मंत्री हरीशंकर वाष्र्णेय, शहर महामंत्री मोहनलाल अग्रवाल, युवा महामंत्री राजकुमार अग्रवाल, शैलेष दीक्षित, कन्हैयालाल अपना वाले मौजूद रहे। खाली कराई जाएंगी किराए पर उठाई गईं मंडी की दुकानें

संवाद सहयोगी, हाथरस : मंडी समिति में किराए की दुकानें काफी समय से विवादों का कारण बनी हुई हैं। अब इन दुकानों को खाली कराया जाएगा। वहीं नीलामी की दुकानों को किराए पर उठाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी मंडी सचिव ने दुकानदारों को दी हैं।

मंडी समिति में व्यापार करने के लिए दुकानों को नीलामी के जरिए उठाया जाता है। इसका निर्धारित किराया व अन्य शुल्क व्यापारी को देना होता है। मंडी समिति में सब्जी मंडी व गल्ला मंडी में करीब 200 से अधिक दुकानें बनी हुई हैं। इनमें से कुछ दुकानों को दुकानदारों ने किराए पर उठा दिया है। इनमें किसी ने अवैध रूप से पक्के निर्माण करा लिए हैं तो कुछ दुकानदारों ने टीनशेड के सहारे पक्के निर्माण कर जाली लगा दुकान के आगे गोदाम बना लिए हैं। कई दुकानों में पशुपालन हो रहा है। कुछ दुकानों में अवैध रूप से परिवार भी रह रहे हैं। दो दिन पहले उपजिलाधिकारी ने निरीक्षण करते हुए मंडी से इस तरह के अतिक्रमण को हटवाते हुए दुकानें खाली कराने की हिदायत दी थी। मंडी सचिव यशपाल सिंह ने बताया कि मंडी में अवैध रूप से उठाई गईं दुकानों को चिह्नित कराकर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अतिक्रमण करने वालों से भी सख्ती से निपटा जाएगा।

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