संसू, हाथरस : सादाबाद में ताज ट्रिपेजियम जोन (टीटीजेड) में होने के बावजूद कस्बे में पुराने टायर व कचरा खुलेआम जलाए जा रहे हैं। प्रदूषण झेल रहे लोगों की सुनने वाला कोई नहीं है। न तो प्रशासनिक अफसर कार्रवाई कर रहे हैं और न ही प्रदूषण नियंत्रण विभाग कुछ रहा है।

कस्बे कई स्थानों पर पुराने वाहनों को काटने का काम किया जाता है। यहां पर गाड़ियों के काटने के बाद उनसे निकले कचरे अथवा पुराने टायर को गाड़ी काटने वाले अपने स्थान पर ही एकत्रित कर उसमें आग लगा देते हैं। इसके अलावा कबाड़ खरीदने वाले स्क्रैप डीलर भी पुराने कचरे तथा टायरों में आग लगा देते हैं। सादाबाद इंटर कालेज के सामने से लेकर आगरा बाइपास मार्ग, बैजनाथ मंदिर तथा सेंट विवेकानंद पब्लिक स्कूल तक कबाड़ियों तथा गाड़ी काटने वालों की कारस्तानी सांस पर भारी पड़ रही है। इसकी जानकारी अधिकारियों को भी है, क्योंकि नगर के लोगों ने कई बार इनके खिलाफ मौखिक शिकायत कर इसको बंद कराने की मांग रखी, कितु अभी तक अधिकारियों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। सुबह टहलने जाने वाले लोगों को सांस लेने में काफी दिक्कत होती है। वहीं अस्थमा और सांस रोगियों की बीमारी बढ़ रही है। स्वस्थ लोग भी बीमार हो रहे हैं। वर्जन --

टायर व कचरा जलाने से अस्थमा के शिकार हो चुके हैं। काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ज्यादा धुआं वातावरण में फैलने के कारण असहज महसूस करते हैं।

-वैभव गौड़, सादाबाद टायर तथा कचरा जलाने से लोग काफी परेशान हैं। अधिकारी इस तरफ ध्यान दें और इस विषैले धुएं को हमेशा के लिए बंद कराएं अन्यथा युवाओं के साथ बच्चों में भी यह बीमारी बढ़ती जाएगी।

-मणिकांत गुप्ता

Edited By: Jagran