संवाद सूत्र, हाथरस : सादाबाद में एक सप्ताह में कुरसंडा पंचायत में तीन ग्रामीण संक्रमण का शिकार हुए थे, जिन्हें स्वास्थ्य विभाग ने हाथरस के कोविड अस्पताल में भर्ती कराया था। उपचार के दौरान एक युवक की संक्रमण के कारण मौत हो गई। दूसरी ओर गांव बेदई में भी एक युवक की बुखार के कारण मौत होने से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। सहपऊ कस्बे की 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला की कोरोना संक्रमित मिलने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई।

कुरसंडा के मजरा नगला काठ निवासी 34 वर्षीय संजय चौधरी रविवार की शाम नोएडा से आए थे। उनकी तबीयत खराब होने पर 108 एंबुलेंस से हास्पिटल भेजा गया। बागला हॉस्पिटल में उनकी जांच हुई तो रिपोर्ट कोविड-19 पॉजिटिव निकली। वहां से युवक को एल-टू हास्पिटल के लिए रेफर कर दिया गया। टीबी हास्पिटल में स्थित एल-टू हास्पिटल में गुरुवार सुबह युवक की मौत हो गई। शव को एंबुलेंस से उनके गांव नगला काठ लाया गया और अंतिम संस्कार कर दिया गया।

सादाबाद के ही गांव बेदई निवासी 27 वर्षीय युवक पिता की मौत हो जाने पर कुछ दिन पूर्व छत्तीसगढ़ से गांव आया था। दो दिन पूर्व युवक को तेज बुखार आया। आगरा के एक निजी अस्पताल में इलाज कराने गया, जहां उसकी कोविड की जांच भी की गई। जांच की रिपोर्ट आने से पहले ही बुधवार की शाम को उसकी मौत हो गई। गुरुवार को उसकी कोविड रिपोर्ट निगेटिव आई है। सहपऊ में महिला की मौत

सहपऊ कस्बे के सुभाष बाजार निवासी 70 वर्षीय वृद्धा कई दिन से बीमार थी। बुधवार की दोपहर वह सीएचसी पर दवा लेने अपने भाई के साथ गई थी। डॉक्टरों ने उसका एंटीजन टेस्ट किया तो वह पॉजिटिव पाई गई। उनको सांस लेने में परेशानी हो रही थी। उनकी हालत देखते हुए सीएचसी से हाथरस रेफर कर दिया। हाथरस से अलीगढ़ के दीनदयाल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। स्वजन ने उनका वहीं अंतिम संस्कार कर दिया। कुछ दिन पहले वृद्धा के बड़े पुत्र की भी मौत हो गई थी। उससे पहले पति एवं दो बेटे भी जान गवां चुके हैं। अब परिवार की देखभाल की पूरी जिम्मेदारी मृतका के पौत्र सोनू पर आ गई है। गांव बुढ़ाइच में एक महिला सहित दो लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है। लोग दहशत में हैं।

शिक्षिका की मौत पर हंगामा

संसू, सासनी : खातीखाना हाथरस निवासी गौरीशंकर शर्मा की पत्नी दीप्ती शिक्षिका थीं। वह कुछ दिनों से बीमार चल रही थीं। सासनी क्षेत्र के निजी हास्पिटल में भर्ती कराया था। उनकी डायबिटीज बढ़ी हुई थी। बुधवार देर रात तबीयत बिगड़ने पर उन्हें रेफर कर दिया गया मगर रास्ते में ही मौत हो गई। इसके बाद स्वजन ने अस्पताल के गेट पर हंगामा किया। अस्पताल के डायरेक्टर का कहना है कि शिक्षिका कई दिन से बीमार थीं। वह किसी परिचित डॉक्टर की सलाह से इलाज करा रही थीं। हालत बिगड़ने पर स्वजन ने 11 मई की शाम को उन्हें एबीजी में भर्ती कराया था। बुधवार की रात में स्वजन एंबुलेंस लाकर उन्हें शिफ्ट कराने की बात कह रेफर कराकर ले गए थे। रास्ते में उनकी मौत हो गई। अस्पताल में उन्हें बेहतर इलाज दिया गया।