जागरण संवाददाता, हाथरस : पहली बार राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से रूबरू होना स्वयं सहायता समूह की दीदियों के लिए किसी सपने के साकार होने जैसा था। जैसे ही राज्यपाल महिला स्वयं सहायता समूह की पहली स्टॉल पर पहुंचीं तो समूह की दीदियों ने खड़े होकर राज्यपाल का अभिवादन किया। राज्यपाल को देखकर समूह की दीदियों के चेहरे खिल गए। दीदियां बोलीं, वह राज्यपाल को देखकर धन्य हो गईं। सौम्य स्वभाव की राज्यपाल ने दिल जीत लिया।

राज्यपाल के आगमन को देखते हुए एनआरएलएम की ओर से महिला स्वयं सहायता समूह की ओर से पुलिस लाइन में स्टॉल सजाए गए थे। यहां अचार से लेकर हींग तक के स्टाल लगे थे। कई विभागों की ओर से कई योजनाओं की जानकारी देती स्टाल भी लगी थीं। पहली स्टाल पर राज्यपाल पहुंचीं तो उन्होंने घर के बनाए अचार बनाने की विधि के बारे में स्वयं सहायता समूह की सदस्यों से पूछा। यहां मौजूद सदस्यों ने बताया कि सरकार ने समूहों का गठन कराया है। समूह खुद सिलाई से लेकर अचार एवं सॉस बनाकर बाजार में बेच रही हैं। इससे सदस्यों को लाभ होता है। बोलीं दीदियां

सरकार ने हमें आत्मनिर्भर बनने के लिए स्वयं सहायता समूह बनवाने में मदद की है। समूह में 11 सदस्य होती हैं जो अचार बनाने से लेकर सिलाई आदि का काम करके परिवार को पाल रही हैं। आज राज्यपाल ने स्टाल पर आकर उत्पाद के बारे में जाना तो बहुत अच्छा लगा।

माधवी, सदस्य स्वयं सहायता समूह। सरकार की ओर से महिला स्वयं सहायता समूह को मजबूत बनाया जा रहा है। सरकार के निर्देश पर शौचालय के रखरखाव की चाबी राज्यपाल ने समूह की महिलाओं को सौंपी है। इसके बाद समूह को एक नया काम मिला गया है, जिसका हर महीने सरकार की ओर से मानदेय दिया जाएगा।

शानू देवी, सदस्य स्वयं सहायता समूह।

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