संवाद सहयोगी, हाथरस: हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी शिक्षकों को बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) की ड्यूटी में लगाए जाने के विरोध में निर्वाचन जैसे महत्वपूर्ण कार्य के लिए एसडीएम सदर द्वारा बुलाई गई बैठक में शिक्षकों ने जमकर हंगामा किया और ड्यूटी से जुड़े कागजात भी फाड़ डाले। बाद में एसडीएम सदर को ज्ञापन देकर हाईकोर्ट के निर्णय व अन्य जनपदों में ड्यूटी से हटाने के आदेश की प्रतियां उपलब्ध कराईं और ड्यूटी का बहिष्कार किया।

केंद्र निर्वाचन आयोग द्वारा वर्तमान में मतदाता सूची के संक्षिप्त पुनरीक्षण का कार्य कराया जा रहा है। इसके लिए आयोग द्वारा नए मतदाताओं के नाम जोड़ने, बाहर रह रहे व मृतक मतदाताओं के नाम हटाने की कार्रवाई 30 जून तक पूरी की जानी है, जिसमें 60 फीसद से अधिक शिक्षकों को बीएलओ बनाया गया है। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एसडीएम सदर एके ¨सह ने बीएलओ की बैठक का आयोजन गुरुवार को तहसील सदर के सभागार में किया। इसमें तमाम शिक्षक पहुंच गए और उन्होंने आपस में मंत्रणा कर बीएलओ की ड्यूटी का बहिष्कार किया और संबंधित कागजात भी फाड़ दिए। इसके बाद पहुंचे एसडीएम सदर को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से अध्यक्ष सुरेश चंद्र शर्मा, मंत्री विजयवीर ¨सह व यतेंद्र पाठक ने ज्ञापन दिया। इसमें उन्हें बीएलओ ड्यूटी से मुक्त करने की मांग की गई। ज्ञापन में कहा गया है कि शिक्षक पूरे वर्ष शासन व प्रशासन के प्रत्येक आदेश का पालन करते हैं। बीएलओ की ड्यूटी के कारण शिक्षक पूर्ण मनोयोग से शिक्षण कार्य नहीं कर पाते हैं। संगठन द्वारा पूर्व में भी शासन से बीएलओ व अन्य गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखने की मांग की थी। तत्कालीन मुख्य सचिव ने इस संबंध में जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर इस पर अमल किए जाने के निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बाद भी शिक्षकों से लगातार गैर शैक्षणिक कार्य लिया जा रहा है। इतना ही नहीं हाईकोर्ट ने भी अपने आदेश में शिक्षकों को बीएलओ ड्यूटी से मुक्त रखने के आदेश दिए हैं। कई जनपदों में इस आदेश के क्रम में शिक्षकों को बीएलओ ड्यूटी से मुक्त कर दिया गया है। अब संघ ने एसडीएम से शिक्षकों को बीएलओ व अन्य गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने की मांग की है। मांग पत्र की प्रति बीएसए व एडीएम को भी भेजी गई है।

By Jagran