संसू, सादाबाद : आलू बोआई का समय चल रहा है, लेकिन किसानों के पास बोआई से पहले खेत में लगाने के लिए डीएपी खाद नहीं है। सरकारी समितियों पर खाद न पहुंचने के कारण किसानों को डीएपी खाद के लिए जूझना पड़ रहा है। सादाबाद के राया मार्ग स्थित कृभको केंद्र पर सैकड़ों की संख्या में पहुंचे किसानों ने डीएपी न मिलने पर हंगामा शुरू कर दिया। जानकारी मिलने पर एसडीएम अंजली गंगवार पहुंच गई जिन्हें किसानों ने घेरकर खाद न मिलने की शिकायत की। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तत्काल पुलिस बुलाई गई।

सादाबाद में सर्वाधिक खेती आलू की होती है। आलू बोआई से पूर्व किसानों को समुचित मात्रा में डीएपी खाद की आवश्यकता होती है, लेकिन इस बार सहकारी समितियों पर मांग के अनुरूप डीएपी खाद न पहुंचने से किसानों को डीएपी पाने को पसीना बहाना पड़ रहा है। खेती का काम छोड़ खाद के लिए लाइन में घंटों लगना पड़ रहा है।

प्राइवेट खाद विक्रेताओं के यहां प्रति बैग 200 रुपये ज्यादा देकर खरीदनो को मजबूर होना पड़ रहा है। कृभको तथा इफको केंद्रों पर भी कम खाद होने के कारण यहां मारामारी मची हुई है। मंगलवार को सादाबाद के राया मार्ग स्थित कृभको खाद केंद्र पर सैकड़ों किसान डीएपी खाद पहुंचने की जानकारी पाकर पहुंच गए, लेकिन कृभको केंद्र संचालक उन्हीं को खाद दे रहे थे जिनके आधार कार्ड पूर्व में जमा थे। खाद न मिलने से नाराज किसानों ने वहीं प्रदर्शन शुरू कर दिया। कृभको खाद केंद्र पर हंगामे की जानकारी मिलने पर एसडीएम अंजली गंगवार पहुंचीं। एसडीएम के पहुंचते ही किसानों ने उनको घेर लिया और अपनी वेदना व्यक्त करने लगे। एसडीएम ने कृभको केंद्र संचालक को फटकार लगाते हुए सभी को खाद का वितरण करने की चेतावनी दी। वहां भीड़ की स्थिति को देखते हुए तत्काल पुलिस की व्यवस्था कर किसानों को लाइन में लगाकर खाद का वितरण कराना प्रारंभ कराया। कुरसंडा में भी मारामारी

कुरसंडा साधन सहकारी समिति पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए समिति के सचिव ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने खाद का वितरण कराया। उधर, डीएपी खाद को लेकर सैकड़ों किसान तहसील परिसर पहुंच गए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे। खाद को लेकर मारामारी पर अंकुश लगाने की मांग के साथ सभी सहकारी समितियों पर खाद उपलब्ध कराने की मांग की। किसानों की बात को सुनकर मौके पर पहुंचीं एसडीएम अंजली गंगवार ने किसानों को समझा-बुझाकर शांत किया तथा अधिकारियों से बातचीत कर समितियों पर खाद उपलब्ध कराने के आश्वासन देकर प्रदर्शन समाप्त कराया। इस मौके पर बलवीर सिंह गोलपुरा, हेमंत गोलनगर, बसंत लाल समदपुर, श्यामवीर नगला विशी, जगदीश नगला मैया, योगेश मढ़ाभोज आदि किसान मौजूद रहे।

वर्जन

सहकारी समितियों पर खाद लेने के लिए किसान बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं, क्योंकि उनको जल्द ही आलू की बोआई करनी है। किसानों ने खाद न मिलने की शिकायत की है। किसानों को खाद उपलब्ध कराया जा रहा है।

-अंजलि गंगवार, एसडीएम सादाबाद।

यहां गोदाम सील है,

खाद कहां लेने जाएं

संस, हाथरस: पश्चिमी सहकारी समिति चंदपा को सील कर दिए जाने के बाद किसान अब खाद के लिए भटक रहे हैं। किसानों ने बताया कि 23 तारीख को प्रशासन ने गोदाम सील कर दिया था। इसके कारण रोज-रोज खाद के लिए चक्कर लगाने पड़ रहे हैं लेकिन खाद नहीं मिल पा रहा है। पश्चिमी सहकारी समिति के संचालक उमाशंकर पाठक ने बताया के इस समिति में 26 गांव आते हैं। किसान खाद के लिए परेशान हैं। सील गोदाम में 31 एनपीए के कट्टे रखे हुए हैं। पश्चिमी सरकारी समिति में कुल 26 गांव व 9 क्षेत्र पंचायतें है जिनमें रोहई, पाराशर, नगला मनसा, नगला मोतीराय, चाचपुर, भटेल, गदाई, बामौली, अर्जुनपुर, गोलनगर, महमूदपुर जाटान, नगरिया, चितावर, महमूदपुर ब्राह्मणान, खेरिया जोध, मीतई, पापरी, नगला भुस, अनीगढ़ी, नगला दना, खेरिया आशा, बमनई, लुहेटा खुर्द और कलां, कुरावली, खजुरिया, दरिगमा, कोरना, चमरुआ गांव के किसान शामिल हैं। किसानों के बोल

काफी दिनों से खाद की समस्या से जूझ रहे हैं लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। भूखे प्यासे सुबह से शाम तक चक्कर लगाने पड़ते हैं। उम्मीद टूट रही है।

रेशम सिंह, किसान ऐसा लगता है कि अबकी बार फसल की बोआई नहीं हो पाएगी। काफी दिनों से खाद के लिए चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कोई और काम नहीं कर पा रहे हैं।

ओमप्रकाश, किसान

Edited By: Jagran