संवाद सहयोगी, हाथरस : अब पेट्रोल व डीजल की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। पिछले 18 दिन में पेट्रोल पर साढ़े छह रुपये व डीजल पर आठ रुपये प्रति लीटर की बढ़ोत्तरी हो चुकी है। कोरोना की मार के बाद बढ़ रहीं कीमतें आम आदमी की कमर तोड़ने लगी हैं।

कोरोना की महामारी से लोग पहले से ही परेशान हैं। अब अनलॉक के दौर में महंगाई की मार झेलनी पड़ रही है। पेट्रोल व डीजल के दाम अठारह दिन से लगातार बढ़ रहे हैं। 6 जून से 24 जून तक पेट्रोल की कीमत साढ़े छह रुपये व डीजल की कीमत में करीब आठ रुपये प्रति लीटर का इजाफा हुआ है। छह जून को पेट्रोल की कीमत 73.82 रुपये और डीजल 63.72 रुपये प्रति लीटर था। बुधवार को पेट्रोल 80.34 रुपये और डीजल 71.78 रुपये प्रति लीटर था। इसका आम जनजीवन पर काफी असर पड़ रहा है। इनके चलते जरूरत की सभी चीजों पर महंगाई का असर है।

महंगा हो सकता है ट्रांसपोर्ट

पेट्रोल व डीजल वाहनों से ट्रांसपोर्ट के जरिये सामान एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजा जाता है। कीमतें लगातार बढ़ने से ट्रांसपोर्टर भी अब भाड़ा बढ़ा रहे हैं। इससे बाहर से आने-जाने वाला सामान भी महंगा हो जाएगा।

प्रभावित हो रहे कृषि कार्य : डीजल की कीमतों के बढ़ने से किसानों की चिता भी बढ़ गई है। अधिकतर सिचाई कार्य डीजल से चलने वाले पंपसेट से किया जाता है। इसके अलावा पशुओं का चारा काटने के लिए इंजन भी डीजल से ही चलते हैं। इन पर कीमत बढ़ने से अन्नदाता किसान की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं।

इस तरह बढ़े रेट (रुपये में)

दिनांक, पेट्रोल, डीजल

14 जून, 77.29, 67.29

15 जून, 77.65, 67.74

16 जून, 78.02, 68.18

17 जून, 78.44, 68.64

18 जून, 78.84, 69.13

19 जून, 79.27, 69.62

20 जून, 79.66, 70.08

21 जून, 69.93, 70.55

22 जून, 80.19, 70.99

23 जून, 80.34, 71.41

24 जून, 80.34, 71.78

इनका कहना है

पेट्रोल व डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। डीजल से ही भारी वाहनों का संचालन होता है। डीजल की कीमतों बढ़ने से किराया बढ़ाना भी ट्रांसपोटरों की मजूबरी है। सरकार को डीजल की कीमतों को नहीं बढ़ाना चाहिए।

-रामशंकर वशिष्ठ शर्मा, ट्रांसपोर्टर डीजल के मूल्य में वृद्धि के कारण भाड़ा बढ़ाना पड़ रहा है, लेकिन लोग इसे स्वीकार नहीं करते और पुराने भाड़े पर ही वाहन ले जाना चाहते हैं। सरकार को मूल्य वृद्धि वापस लेनी चाहिए।

- कमल सिंह, राधे-राधे ट्रांसपोर्ट, सिकंद्रराराऊ डीजल का प्रयोग पंपसेट चलाने में भी होता है। उनसे खेतों की सिचाई की जाती है। वहीं पशुओं के लिए चारा काटने वाली मशीनें भी डीजल से चलती हैं। मजबूरी में महंगा डीजल खरीदने को बाध्य हैं।

- केशवदेव चतुर्वेदी, किसान सादाबाद डीजल की कीमतों को सरकार द्वारा तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। इससे किसानों को नुकसान हो रहा है। महंगा डीजल खरीदने में असमर्थ किसान फसलों की सिचाई भी नहीं कर पा रहे हैं।

-मणिकांत गुप्ता, सादाबाद

Posted By: Jagran

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