जासं, हाथरस : किशोरी से दुष्कर्म के मामले में विशेष न्यायाधीश पाक्सो अधिनियम प्रतिभा सक्सेना ने अभियुक्त को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अभियुक्त पर 70 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अभियुक्त किशोरी के गांव के रिश्ते का मामा है। कोर्ट ने अर्थदंड की धनराशि पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं।

मामला 29 जून 2016 का है। हसायन क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने थाना हसायन में मुकदमा दर्ज कराया था। शिकायत में कहा गया था कि उनकी 14 वर्षीय बेटी खेत पर लगे हैंडपंप पर पानी भरने गई थी, तभी अभियुक्त प्रेमचंद वहां आ गया और उनकी बेटी को बुरी नीयत से दबोच लिया और अश्लील हरकतें कीं। आरोपित गाली-गलौज और धमकी देते हुए वहां से भाग गया। पुलिस ने इस मामले में धारा 354, 504, 506 और पाक्सो अधिनियम में मुकदमा दर्ज कर विवेचना की। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेजा। पीड़िता के बयानों के आधार पर इस मामले में दुष्कर्म की धारा बढ़ाई गई। पुलिस ने जांच के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। कोर्ट ने आरोपित प्रेमचंद को धारा 376 और पाक्सो अधिनियम में सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 50 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। धारा 354 में पांच वर्ष कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। धारा 504, 506 में दो वर्ष कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। सभी सजाएं साथ चलेंगी और अर्थदंड का भुगतान करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। संदिग्ध परिस्थितियों

में किशोरी की मौत

संसू, हसायन : कस्बे के एक मोहल्ले में संदिग्ध परिस्थिति में किशोरी की मौत हो गई। बताया जाता है कि बालिका दिन में बाजार से सामान लेकर लौटी थी। मां घर के काम में व्यस्त थी। कुछ देर बाद उसकी मां ने आवाज दी तो उसने जवाब नहीं दिया। अंदर जाकर देखा तो उसकी गर्दन में कपड़े का फंदा लगा हुआ था। उसे निजी चिकित्सक के पास लेकर पहुंचे जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। स्वजन ने पुलिस को सूचना दिए बिना अंतिम संस्कार कर दिया।

Edited By: Jagran