जासं, हाथरस : गिरते भूजल स्तर और पानी की समस्या को देखते हुए अब जल संचयन को जन आंदोलन बनाने की तैयारी चल रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बुधवार को वीडियो कांफ्रेंस कर इसके निर्देश दिए। पानी की बूंद-बूंद बचाने के लिए योजना बनाने की बात कही गई। यहां तक कि नई टाउनशिप के नक्शे पास कराने के लिए रेन वॉटर हार्वेस्टिग सिस्टम को बाध्य करने के संकेत भी मुख्यमंत्री ने दिए हैं।

तय किया गया है कि भारत सरकार के दो अधिकारी अलग-अलग जिले में जाकर जल संचयन की योजनाओं, उनके क्रियान्वयन की हकीकत देखेंगे। पानी बचाने के लिए प्रशासन के प्रयासों को केंद्र सरकार के अधिकारी परखेंगे। इसको लेकर जिला प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। शहर और ग्रामीण क्षेत्र के

लिए अलग-अलग प्लानिग

जल संचयन के लिए अलग-अलग स्तर से प्लानिग तैयार की जाएगी। इसमें सबसे अहम है कि नगर क्षेत्र में नए टाउनशिप की स्वीकृति के वाटर हार्वेस्टिग का प्लांट को बाध्यकारी किया जाएगा। इसके साथ-साथ शहर के तालाब, पोखरों और उसके पास से गुजरने वाली नहरों, नदियों को गंदा होने से बचाया जाएगा। जगह-जगह पानी को भूमिगत करने के लिए रिचार्ज प्वाइंट तैयार किए जाएंगे। इस अभियान में लोगों को भागीदार बनाते हुए ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ा जाएगा। पानी बचाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम शुरू होंगे। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में में जल संचयन के लिए तालाब पोखरों को कब्जा मुक्त कराने, चेकडैम बनाने, नए तालाब खोदने, ग्रामीणों को पानी की बर्बादी रोकने के प्रति जागरूक करने आदि अभियान के जरिए पानी को बचाया जाएगा। डार्क जोन पर विशेष ध्यान

हाथरस में चार ब्लॉक डार्क जोन में हैं। इनमें मुरसान, हाथरस, सासनी और सहपऊ शामिल हैं। जल संचयन के लिए सबसे ज्यादा फोकस इन चारों विकासखंडों पर रहेगा। यहां जल स्तर को ऊपर लाने के लिए पौधरोपण को अभियान की तरह चलाने की योजना प्रशासन तैयार कर रहा है। शौचालय की तरह

चलाएंगे अभियान

जिस प्रकार जिले को ओडीएफ घोषित करने के शौचालय निर्माण को लेकर अभियान चलाया गया। जीओ टैगिग कर उनकी देखरेख की गई। उसी प्रकार से तालाबों के संरक्षण और उन्हें बचाने के लिए प्रशासन योजना तैयार कर रहा है। प्रत्येक तालाब की जीओ टैगिग कर देखरेख की जाएगी। इन चार विदुओं पर होगा ध्यान

-प्राचीन तालाब, नहर, नदी नालों को संरक्षण।

-ज्यादा से ज्यादा घरों में रेन वॉटर हार्वेस्टिग प्लांट।

-ज्यादा से ज्यादा पौधरोपण जिससे भूजल स्तर को ऊपर लाया जा सके।

-पानी को बर्बादी से रोकने और उसे पुन: प्रयोग करने के लिए योजना।

इनका कहना है-

तालाबों के संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री और जल शक्ति मंत्री के दिए गए निर्देशों के आधार पर योजना तैयार की जा रही है। जन सहयोग और प्रशासनिक प्रयासों से जल संचयन के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। तालाबों का जीर्णोद्धार कर जल स्तर को ऊपर लाने के लिए हर संभव कोशिश की जाएगी।

-अश्वनी कुमार मिश्रा, परियोजना अधिकारी अभिकरण।

हमें दें जानकारी

तालाबों, पोखरों को बचाने और उन्हें पुनर्जीवित करने के लिए दैनिक जागरण ने मुहिम शुरू की है। आप भी इसमें सहयोगी बन सकते हैं। अपने-अपने क्षेत्र के विलुप्त हो रहे तालाबों, कब्जाई गईं पोखरों, जिन जगहों पर तालाब की जरूरत हो उसकी जानकारी हमें दें। यदि कोई तालाबों के लिए विशेष सहयोग कर रहा हो उसकी भी जानकारी और फोटो आप हमारे नंबर 9837369555 पर वाट्सएप कर सकते हैं।

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Posted By: Jagran