जागरण संवाददाता, हाथरस : लूट व चोरी के मामले में हाथरस गेट पुलिस के पर्दाफाश पर लूट पीड़ित परिवार ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने पुलिस पर लूट का माल खरीदने वाले सुनार को बचाने का आरोप लगाया है। कहा है कि जब लुटेरे व लूट का माल खरीदने वाले का पता चल गया है तो पूर्ण बरामदगी क्यूं नहीं की गई है?

मधुगढ़ी व रमनपुर के रहने वाले लुटेरों ने शहर में घटनाओं को अंजाम दिया। 30 अगस्त को विमल भारद्वाज की पत्नी को बंधक बनाकर लूटपाट की थी। विमल के छोटे भाई कमल भारद्वाज ने पूरे मामले की पैरवी की। कमल ने पर्दाफाश पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब बदमाशों ने सुनार का नाम बता दिया तथा पुलिस सुनार तक पहुंच भी गई, फिर सुनार को गिरफ्तार क्यूं नहीं किया गया? उनके घर से बदमाश लगभग 210 ग्राम सोने-चांदी के जेवरात लूटकर ले गए थे। इतने माल में से केवल दो-चार गहने दिखाए हैं। इसके अलावा दो लाख रुपये, जो कि जेवरात बेचकर बदमाशों को मिले। इसके बाद भी पुलिस ने सुनार को गिरफ्तार नहीं किया। सुनार को बताया दिल का मरीज

कमल भारद्वाज ने बताया कि जब यही सवाल उन्होंने पुलिस से किए तो उन्हें जवाब मिला कि इतनी ही बरामदगी हो सकी है। इसके अलावा पुलिस ने सुनार के प्रति सॉफ्ट कॉर्नर दिखाते हुए कहा कि वह दिल का मरीज है। इनका कहना है

सुनार को बचाने का प्रयास नहीं किया जा रहा है। अभी तीन बदमाश फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी व उनसे बरामदगी भी होनी है। सभी की गिरफ्तारी के बाद पता चलेगा कि चोरी का माल किस-किस को बेचा गया है? एक से अधिक सुनार भी हो सकते हैं। रहीस ने जिस सुनार को माल बेचा उसका नाम प्रकाश में आया है। वह फरार है। जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

-सिद्धार्थ वर्मा, एएसपी

Posted By: Jagran

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