संवाद सहयोगी, हाथरस : शादियों के सीजन में शहरवासी जाम के झाम से जूझ रहे हैं। ट्रैफिक कर्मियों के पसीने छूट रहे हैं। शहर के बीचोंबीच स्थित गेस्ट हाउस, मैरिज होम में पार्किंग की व्यवस्था न होना जाम का बड़ा कारण है। बिना पार्किंग के यह गेस्ट हाउस संचालित हैं लेकिन प्रशासन इन पर कोई कार्रवाई नहीं करता। इसके कारण लोग घंटों जाम की समस्या से रूबरू होते हैं।

शहर में एक दर्जन से अधिक गेस्ट हाउस हैं। इनमें कई गेस्ट हाउस ऐसे हैं जिनमें अक्सर कार्यक्रम होते रहते हैं। यह गेस्ट हाउस मथुरा रोड, आगरा रोड, अलीगढ़ रोड जैसे प्रमुख स्थानों पर हैं, जहां वाहनों की आवागमन काफी होता है। शादी समारोहों के समय में लोग यहां अक्सर जाम लगा रहता है। अभी सहालगों का समय है ऐसे में लोगों को शहर से निकलना मुश्किल हो गया है।

सड़क पर खड़े होते

हैं चौपहिया वाहन

मथुरा रोड पर राजरानी मेहरा गेस्ट हाउस, सुंदर वन, पुष्पांजलि गेस्ट हाउस, श्रीराम गेस्ट हाउस, शिल्पा गेस्ट हाउस, कृपाराम कोठीवाल धर्मशाला, हनुमान वाटिका, मंगल भवन, प्रयाग गार्डन, गोपाल धाम, त्रिवेणी गेस्ट हाउस आदि शहर के बीच में स्थित हैं, जिनमें शादी समारोह और अन्य कार्यक्रम होते रहते हैं। ज्यादातर में गेस्ट हाउस में पार्किंग नहीं हैं। जिनमें हैं उन में कुछ बाइकों की खड़ी करने की ही जगह है। चार पहिया वाहन रोड किनारे खड़ा कर लेाग समारोहों में शामिल होते हैं। ऐसे में जाम से राहगीर परेशान होते हैं। सबसे ज्यादा खराब हालात मथुरा रोड पर होते हैं। यहां हजारों वाहन गुजरते हैं और एक तरफ रेलवे की लाइन है। लोग अपने वाहन सड़क किनारे बेतरतीब लगाकर चले जाते हैं। ऐसे में दो बड़े वाहनों का निकलना मुश्किल हो जाता है।

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हजारों रुपये किराया, पार्किंग

पर नहीं है ध्यान

गेस्ट हाउस संचालक हजारों रुपये एक कार्यक्रम का किराया लेते हैं लेकिन पार्किंग को लेकर लापरवाह बने हैं। ट्रैफिक पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। अधिकारी भी इसको लेकर बेपरवाह बने हुए हैं। कई बार अधिकारियों की बैठकों में यह मुद्दा उठा और बैठक के बाद ठंडे बस्ते में चला गया। इस बड़ी समस्या को लेकर कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई।

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ये हैं नियम

गेस्ट हाउस, होटल संचालक द्वारा पार्किंग की व्यवस्था करना अनिवार्य है। रोड पर वाहन खड़े कराने, जाम का कारण बनने की स्थिति में गेस्ट हाउस संचालक जिम्मेदार माने जाते हैं। पार्किंग की व्यवस्था न होने पर गेस्ट हाउस संचालक को नोटिस दिया जाता है। फिर भी अगर कोई व्यवस्था नहीं होती है तो उसका लाइसेंस निरस्त किया जा सकता है।

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ट्रैफिक कर्मियों के लिए बड़ी टेंशन

यातायात माह चल रहा है। चौराहों पर ट्रैफिक कंट्रोल के लिए ट्रैफिक और पुलिसकर्मी तैनात हैं। दिन में कई बार रेलवे फाटक लगने से ट्रैफिक कर्मियों को पसीना बहाना पड़ता है। वहीं दूसरी ओर शादी समारोह, बरात चढ़ने, गेस्ट हाउसों की पार्किंग की समस्या के चलते उनकी परेशानी और बढ़ गई है।

इनका कहना है

गेस्ट हाउसों, होटलों में पार्किंग की व्यवस्था करना अनिवार्य है, जो भी ऐसा नहीं कर रहे हैं उनके खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।

नीतीश कुमार, एसडीएम हाथरस

Posted By: Jagran

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