संवाद सहयोगी, हाथरस : कारागारों में बंद कैदियों को शिक्षित करने के लिए शिक्षकों की तैनाती के लिए शिक्षकों से सहमति मांगी गई थी, लेकिन दस दिन बीतने के बाद सिर्फ बेसिक शिक्षा विभाग के सिर्फ एक शिक्षक ने सहमति दी है। सहमति देने वाले शिक्षकों को प्रतिनियुक्ति पर कारागारों में कैदियों को पढ़ाने के लिए भेजा जाएगा।

जिला कारागारों में सजा काट रहे कैदियों को पढ़ने का मौका सरकार के द्वारा दिया जा रहा है, ताकि वे शिक्षित बनकर जेल से छूटने के बाद अपना जीवन सामान्य नागरिक के रूप में काट सकें। नौ जुलाई को मुख्यालय कारागार एवं सुधार सेवाएं उत्तर प्रदेश की ओर से सचिव, बेसिक शिक्षा परिषद को पत्र लिखा गया था जिसमें कहा गया था कि परिषदीय विद्यालयों में तैनात हेड मास्टर व सहायक अध्यापकों को प्रतिनियुक्ति पर कारागारों में कैदियों को पढ़ाने के लिए तैनात किया जाए। सचिव का पत्र बेसिक शिक्षा अधिकारी शाहीन को प्राप्त हुआ तब बेसिक के स्कूलों के शिक्षकों से सहमति मांगी गई। 14 जुलाई से अब तक सिर्फ एक शिक्षक ने कारागार में जाकर कैदियों को पढ़ाने में रुचि दिखाई है। सासनी ब्लाक के उच्च प्राथमिक विद्यालय सीकुर में तैनात शिक्षक कौशल किशोर यादव ने प्रतिनियुक्ति पर आगरा कारागार में जाकर कैदियों को पढ़ाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। शिक्षक बनने का सपना साकार, 55 को आज देंगे नियुक्ति पत्र

संवाद सहयोगी, हाथरस : 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती की अवशेष सीटों पर पिछले दिनों राजकीय कन्या इंटर कालेज में काउंसिलिग कराई गई थी। नियुक्ति पत्र का इंतजार अब खत्म होने वाला है। शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में 55 पात्र अभ्यर्थियों को सहायक अध्यापक पद के नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे।

28 व 29 जून को राजकीय कन्या इंटर कालेज में काउंसिलिग कराई गई थी। अवशेष 61 सीटों पर कराई गई काउंसिलिग के बाद अभ्यर्थियों को उम्मीद थी कि जल्द ही नियुक्ति पत्र मिल जाएंगी और विद्यालय आवंटित होने के बाद शिक्षण कार्य करेंगे, लेकिन काउंसिलिग के बाद अभी तक नियुक्ति पत्र नहीं मिले। अब तय हुआ है कि शुक्रवार को विशेष समारोह में नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे। चार अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों में अभिलेखीय विसंगति होने के कारण उनको अभी नियुक्ति पत्र नहीं मिलेंगे। वहीं दो अभ्यर्थियों की अर्हता पूरी न होने पर उनका आवेदन निरस्त कर दिया गया।

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