योगेश शर्मा, हाथरस: सहकारी बैंकों से ऋण पाने वाले किसान 144 करोड़ रुपये दबाए बैठे हैं। ऐसे बकायेदारों की संख्या एक लाख है। खास बात ये है कि ब्याजमाफी एक मुश्त समाधान योजना बकायेदार किसानों को नहीं रिझा पाई।

सहकारी समितियों के बड़े बकायेदारों के खिलाफ विशेष अभियान एक मई से शुरू हो चुका है। अभियान 30 सितंबर तक चलेगा। जिलेभर में एक लाख से ऊपर के बड़े बकायेदा कुल 3112 किसान हैं। इन पर बरसों से करीब 144 करोड़ रुपया बकाया चल रहा है। वसूली करने के लिए जिले के सभी सातों ब्लाक में टीमें गठित करके वसूली कराई जा रही है। करोड़ों का बकाया पटने में आसानी हो, इसलिए ब्याजमाफी एक मुश्त समाधान योजना भी लागू कर दी गई। बरसों पुराने बकायेदार पर ब्याज 100 फीसद छूट का प्रविधान किया गया,मगर योजना ज्यादा असरकारी साबित नहीं हुई। बार-बार तगादा करने के बाद बैंक को बकाया नहीं मिला तो बीते सप्ताह पहले ही सहकारिता विभाग ने 1000 बकायेदारों को साइटेशन नोटिस जारी कर दिए गए। 134 बड़े बकायेदारों खिलाफ वारंट जारी किए गए हैं। दावा किया जा रहा है कि कुल बकाए जो 1.80 करोड़ की वसूली हो सकी है जो ऊंट के मुंह में जीरे के समान है।

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जिले भर के किसान सहकारी बैंक शाखाओं से हर साल फसल के लिए ऋण लेते हैं, मगर जब ऋण चुकाने की बारी आती है तो सरकार की तरफ इस उम्मीद के साथ टकटकी लगाए बैठे रहते हैं कि शायद किसानों पर चढ़ा कर्जा सरकार माफ कर दे। ऋण माफी की उम्मीद में साल दर साल बीतते गए। अब एक लाख रुपये से ऊपर के बकायेदारों के साथ किसी तरह की रियासत करने के मूड में सहकारिता विभाग नहीं दिख रहा है।

वर्जन

सभी सात ब्लाक में सात टीमें बनाकर वसूली कराई जा रही है। बहुत पुराना बकाया चला आ रहा है। किसानों को हर साल उम्मीद रहती है कि उन पर जो बकाया चल रहा है उसे सरकार माफ कर देगी। इस कारण हर साल बकाया चढ़ता जा रहा है।

संतोष कुमार यादव,उपायुक्त सहकारी समितियां, हाथरस।

आंकड़ों में

144 करोड़ रुपये बरसों से चल रहा बकाया

1000 बकायेदारों को जारी किए साइटेशन नोटिस

01 लाख से ऊपर हैं जिले में 3112 बकायेदार

134 बकायेदारों के खिलाफ वारंट किए जारी गए

1.80 करोड़ की वसूली ही कर सकीं टीमें

07 ब्लाक में लगी हैं सात वसूली की टीमें

75 सहकारी समितियां हैं पूरे जनपद में

Edited By: Jagran