जागरण संवाददाता, हाथरस : 15 अप्रैल को लेकर चल रहे प्रचार का शोर मंगलवार की शाम को थम गया। आखिरी दिन प्रत्याशियों ने प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी। प्रत्याशी अब शोर-शराबे व सार्वजनिक स्थानों पर चुनाव प्रचार नहीं कर सकेंगे। हालांकि घर-घर जाकर वोट के लिए अपील करने का विकल्प उनके पास है।

पंचायत चुनाव प्रचार चरम पर पहुंचने के बाद मंगलवार को चुनावी शोर थम गया। गली-मोहल्लों में लाउडस्पीकर से हो रहे प्रचार का आखिरी दिन होने से प्रत्याशियों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। किसी ने रैली निकाली तो किसी ने अपने समर्थन में सियासी दलों के नेताओं का समर्थन लिया।

इसके बाद प्रत्याशी रात में अपनी टीम के साथ वोटरों को प्रलोभन देते हुए नजर आए। कोई सड़क-नल लगवाने का वादा करता दिखा तो कोई समस्या के समाधान की हामी भरता नजर नजर आया।

इंटरनेट मीडिया का लिया सहारा

प्रत्याशी और उनके समर्थक घर-घर जाकर जनसंपर्क तो कर ही रहे हैं, इंटरनेट मीडिया पर भी कसर नहीं छोड़ना चाह रहे हैं। फेसबुक और वाट्सएप ग्रुप पर तो चुनाव प्रचार छा गया है। युवाओं की इसमें खास भूमिका है, उन युवाओं की जो शहर में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। उनके परिवार के सदस्य चुनाव में उतर गए हैं तो वे भी दोस्तों के साथ गांव में डेरा जमा लिए हैं। युवा अपने घर के प्रत्याशियों के लिए तरह-तरह के स्लोगन और संदेश वाले मैसेज इंटरनेट मीडिया पर शेयर कर रहे हैं। अपने उम्मीदवार की फोटो के साथ उनके वादे तथा घोषणा पत्र को अपलोड किया जा रहा है। सबसे ज्यादा जिला पंचायत के प्रत्याशियों का इंटरनेट मीडिया पर प्रचार हो रहा है। फेसबुक पर सबसे ज्यादा प्रचार हो रहा है। इस पर जन संपर्क के दौरान मतदाताओं के सामने हाथ जोड़कर खड़े प्रत्याशियों की फोटो और उनके संदेश को प्रचारित किया जा रहा है। एक नजर

463 प्रधान समेत अन्य पदों के लिए डाले जाएंगे गुरुवार को वोट

24 जिला पंचायत सदस्य के लिए भी एक दिन डाले जाएंगे वोट

5781 पद हैं ग्राम पंचायत सदस्य के जनपद की 463 ग्राम सभाओं में

599 पद हैं क्षेत्र पंचायत सदस्य के लिए, ब्लाक प्रमुख चुनते हैं बीडीसी

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप