जागरण संवाददाता,हाथरस: अवैध पार्किंग शहर से लेकर देहात तक बनी हुई हैं। अवैध पार्किंग को हटाने के लिए मुख्यमंत्री ने संचालकों के खिलाफ गैंगस्टर जैसी सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारी इस ओर से लापरवाह बने हुए हैं।

शहर व देहात क्षेत्रों में बनी अवैध पार्किंग को हटाने के लिए मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को 48 घंटे का समय दिया था। यह समयावधि बीतने के बाद भी पार्किंग स्थलों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। शहर में तालाब चौराहा से लेकर इगलास रोड, जलेसर रोड, सादाबाद रोड, मथुरा रोड, मेंडू रोड व सासनी रोड पर बनी पार्किंग में अवैध रूप से वाहनों का संचालन शनिवार को भी जारी रहा। यहां बाकायदा संचालक वाहनों को चलवाते नजर आए। पुलिस, परिवहन व प्रशासन स्तर पर भी इन्हें पूरा संरक्षण मिला हुआ है। तभी तो 48 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।

टैक्स देने के बाद भी नहीं पार्किंग की सुविधा

मुख्यमंत्री के आदेश को सुन कर वाहन चालकों का दर्द भी छलक उठा है। वाहन चालक बताते हैं कि सड़क पर वाहन चलाने के लिए उन्हें साल के हिसाब से टैक्स देना पड़ता है। उसमें भी परमिट व बीमा सहित कई प्रक्रियाओं को पूरा करने में काफी रुपया बर्बाद होता है। पार्किंग की स्थाई व्यवस्था कोई विभाग नहीं करता। इसी से आधी कमाई सुविधा शुल्क में ही चली जाती है।

इनका कहना है-

टेंपों चालकों के लिए शहर व देहात क्षेत्रों में कोई स्थाई पार्किंग नहीं है। इसीलिए उन्हें इधर-उधर भटकना पड़ता है।

- सोनू, चालक

वाहन चालकों से निर्धारित टैक्स लिया जाता है। उसके बाद भी सुविधाएं उन्हें नहीं मिलतीं। स्थाई पार्किंग बनने से वाहन चालकों को लाभ होगा।

- लालो, चालक

शहर में वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए जगह का चयन होते ही उसकी अनुमति जिला प्रशासन से मिलने के बाद पार्किंग बनाने का कार्य शुरू करा दिया जाएगा।

- अनिल कुमार, ईओ

Edited By: Jagran