जागरण संवाददाता, हाथरस : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 20 लाख करोड़ रुपये के प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा लॉकडाउन के समय में आज के समय की जरूरत थी। खुद का प्रोडक्ट बनाने के लिए मशहूर हाथरस के कारोबारियों का कहना है कि इससे कोरोना वायरस महामारी और उसकी रोकथाम के लिए लागू पाबंदियों से प्रभावित अर्थव्यवस्था पटरी पर लौट सकेंगी। राहत पैकेज से वह वर्ग बेहद खुश है जिसको फायदा मिलने की उम्मीद है।

सरकार का सराहनीय कदम वित्तीय पैकेज के बारे में यहां के कारोबारियों का मानना है कि अर्थव्यवस्था को पटरी पर लौटाने के लिए सरकार ने भारी भरकम पैकेज की घोषणा करके हर वर्ग को जीता है। विशेष कर उद्योग चला रहे लोग खुश हैं। उद्योग पटरी पर लौट सकेंगे। मगर, लॉक डाउन में उद्योगों को थोड़ी सी छूट देने की जरूरत होगी तभी विकास का पहिया पटरी पर दौड़ता नजर आएगा। बता दें चले कि हाथरस में कई ऐसे उद्योग हैं जहां माल तैयार होकर देश के बड़े शहरों के लिए जाता है। इनमें फुटवियर, रेडीमेड, जींस, बच्चों के सूट और ड्रेस आदि है। इसके अलावा यहां तैयार होने वाली चप्पल भी देश के कई शहरों में सप्लाई होती है। कारोबारियों की मानें तो रेडीमेड का अकेले कारोबार 70 करोड़ रुपये महीने का है।

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कारोबारियों के बोल

आत्मनिर्भर तो हम पहले से हैं। इसके बाद भी सरकार हमसे यदि मास्क और पीपीई किट बनाने को कहेगी तो हम वह भी बनाएंगे मगर कारोबार पर लटक रहे ताले तो खुलवाए।

अजय अग्रवाल सचिव, रेडीमेड गारमेंटस एसोसिएशन।

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आर्थिक पैकेज से निश्चित ही उद्योग धंधों को लाभ मिलेगा। कोरोना संकट के बीच सरकार का ये कदम बेहद सराहनीय है। इससे निवेशक आकर्षित होंगे और मांग को बढ़ाने में मदद मिलेगी।

- अभय अग्रवाल, फुटवियर कारोबारी।

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इस मौके पर प्रोत्साहन पैकेज समय की जरूरत है। इससे अर्थव्यवस्था की बुनियाद को मजबूती मिलेगी और कारोबार पटरी पर लौटेंगे। केंद्र सरकार ये कदम सराहनीय योग्य है। इसकी सबको प्रशंसा करनी चाहिए।

मनीष अग्रवाल, गारमेंट्स कारोबारी

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हम उम्मीद करते हैं कि भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जमीन, श्रम और नकदी पर जोर की जरूरत है। 'यह सचमुच एक सराहनीय पैकेज है। कारोबारियों को सरकार के फैसले का साथ देना चाहिए।

विक्की अग्रवाल, गारमेंट्स कारोबारी।

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हम किसी भी प्रस्ताव का स्वागत करेंगे जब हमारे कारोबार रफ्तार पकड़ेंगे। अभी तो 17 मई को लॉक डाउन खत्म होने का इंतजार किया जा रहा है। वैसे पीएम मोदी ने जो राहत पैकेज का एलान किया है वह ठीक है।

राजेश शर्मा, गारमेंट्स, कारोबारी।

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भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जमीन, श्रम और नकदी पर जोर की जरूरत है। ये सब तब संभव है जब उद्योग रफ्तार पकड़ेंगे। वैसे राहत पैकेज बाद एक नए सबेरा उगने की उम्मीद हम सभी कारोबारियों को है।

नितिन अग्रवाल, गारमेंट्स, कारोबारी।

Posted By: Jagran

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