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न्यू हाथरस शहर का होगा बड़ा विस्तार, यमुना प्राधिकरण 11 हजार हेक्टेयर में करेगा विकसित

Published: Fri, 02 Oct 2026 06:16 PM (IST)

यमुना प्राधिकरण ने न्यू हाथरस शहर को 4000 हेक्टेयर से बढ़ाकर 11000 हेक्टेयर में विकसित करने का निर्णय लिया है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. न्यू हाथरस शहर का क्षेत्रफल 11 हजार हेक्टेयर किया जाएगा।

  2. यमुना प्राधिकरण फेज दो में औद्योगिक शहर विकसित करेगा।

  3. मास्टर प्लान के लिए आरवी इंजीनियरिंग कंसल्टेंट को निर्देश दिए गए।

जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण फेज दो में शामिल टप्पल बाजाना, राया व न्यू आगरा अर्बन सेंटर की तर्ज पर न्यू हाथरस को भी बड़े क्षेत्र में विकसित करेगा। चार हजार हेक्टेयर में न्यू हाथरस औद्योगिक शहर बसाने की योजना में बदलाव करते हुए अब इसे 11 हजार हेक्टेयर में नियोजित करने का फैसला किया गया है।

मास्टर प्लान के लिए चयनित कंपनी आरवी इंजीनियरिंग कंसल्टेंट को नए सिरे से सर्वे कर मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। यमुना प्राधिकरण में छह जिले अधिसूचित हैं। गौतमबुद्ध नगर व बुलंदशहर के अधिसूचित गांव फेज एक का हिस्सा हैं। फेज दो में शेष जिले हाथरस, अलीगढ़, मथुरा, आगरा शामिल हैं।

सर्वे कर मास्टर प्लान तैयार करने का निर्देश

प्राधिकरण फेज दो में शामिल तीन औद्योगिक शहर अलीगढ़ में टप्पल बाजना, मथुरा में राया व आगरा में न्यू आगरा शहर का मास्टर प्लान तैयार कर चुका है, लेकिन हाथरस जिले में अधिसूचित क्षेत्र में चार हजार हेक्टेयर में नया औद्योगिक शहर बसाने के लिए आरवी इंजीनियरिंग कंसल्टेंट को जिम्मेदारी दी गई थी।

कंपनी ने सर्वे के बाद हाथरस शहर के नजदीक ही दो से तीन जगह को लेकर सुझाव दिए थे, लेकिन चार हजार हेक्टेयर में नया औद्योगिक शहर बसाने को लेकर प्राधिकरण संतुष्ट नहीं है, इसलिए अपने निर्णय को बदलते हुए नए शहर के क्षेत्रफल को 11 हजार हेक्टेयर तक करने का निर्णय लिया है। कंपनी को भी इसके अनुरूप ही सर्वे कर मास्टर प्लान तैयार करने को कहा गया है।

कनेक्टिविटी भी एक बड़ी चुनौती

एसीईओ शैलेंद्र भाटिया का कहना है कि चार हजार हेक्टेयर में नए औद्योगिक शहर की सभी सुविधाओं, बुनियादी ढांचे का विकास कर पाना मुश्किल होगा। कनेक्टिविटी भी एक बड़ी चुनौती है। प्रस्ताव स्थान एक्सप्रेसवे से पचास किमी तक दूर हैं। क्षेत्रफल बढ़ने से शहरी सुविधाओं का विकास बेहतर ढंग से हो सकेगा।

उद्योग समेत सभी सेक्टर की जमीन की मांग को पूरा करना संभव होगा। यीडा अधिसूचित क्षेत्र के नजदीक से रेलवे लाइन गुजर रही है। इसके आस पास नया शहर नियोजित करने से रेलवे कनेक्टिविटी भी मिल जाएगी, जो औद्योगिक शहर के बुनियादी ढांचे को और मजबूती देगी।

मंडलायुक्त की अध्यक्षता में जल्द होगी बैठक

न्यू हाथरस के मास्टर प्लान को लेकर स्थानीय प्रशासन से भी सुझाव लिए जाएंगे। अलीगढ़ मंडल के मंडलायुक्त की अध्यक्षता में बैठक की जाएगी। इसमें संबंधित जिले के जिलाधिकारी व अन्य विभागीय अधिकारी शामिल होंगे। यीडा अधिसूचित क्षेत्र में नए शहर को लेकर अपने सुझाव, मौजूदा ढांचे, औद्योगिक संभावनाओं आदि पर सुझाव लिए जाएंगे।