संवाद सहयोगी, हाथरस : जहां एक ओर बोर्ड अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाने पर जोर दे रहा है वही शहर के मध्य स्थित रामबाग इंटर कॉलेज को इस बार परीक्षा केंद्र नहीं बनाया गया है। बोर्ड द्वारा परीक्षा केंद्र न बनाए जाने पर तरह-तरह की चर्चा रामबाग इंटर कॉलेज को लेकर हो रही हैं।

बोर्ड ने इस बार आनलाइन सूचनाएं विद्यालय संचालकों से मांगी थी। सूचनाओं को भेजे जाने के बाद बोर्ड ने डीआइओएस के जरिए सत्यापन कराया था। बोर्ड ने रविवार दोपहर को वेबसाइट पर 62 विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाकर सूची जारी कर दी। अंनतिम सूची में इस बार वित्तविहीन विद्यालयों पर भी ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया। जिले के एडेड विद्यालयों पर भरोसा बोर्ड द्वारा जताया गया। जिले के 39 एडेड विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। शहर के अलीगढ़ रोड पर स्थित रामबाग इंटर कॉलेज पिछले कई सालों से परीक्षा केंद्र बनता आ रहा है। मूल्यांकन कार्य की जिम्मेदारी भी पिछले कई सालों से विद्यालय पर रही है। इस बार परीक्षा केंद्रों की जो सूची जारी की गई है। उसमें रामबाग इंटर कॉलेज का नाम शामिल नहीं है, जबकि विद्यालय में सीसीटीवी कैमरों के अलावा अन्य बंदोबस्त भी पूरे हैं। विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. दिलीप कुमार आमौरिया उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष हैं। शिक्षकों के हितों को लेकर वो आगे रहते हैं। लेकिन इस बार उनके विद्यालय को परीक्षा केंद्र न बनाने को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं।

शिक्षा माफिया का हुआ सफाया

एक समय मुरसान ब्लॉक के वित्तविहीन विद्यालय संचालकों की तूती बोलती थी। बात बसपा या सपा शासन की जाए तो उस समय मुरसान ब्लॉक के वित्तविहीन विद्यालय परीक्षा केंद्र सूची में अधिक होते थे। लेकिन अब स्थिति बदल गई है। इस बार परीक्षा केंद्रों की जो सूची जारी की गई है। उसमें मुरसान ब्लॉक के वित्तविहीन विद्यालयों का पूरी तरह सफाया कर दिया गया है।

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