संवाद सूत्र, हाथरस : सादाबाद के गांव मोनिया में मिलावटी दूध की सूचना पर पुलिस ने छापा मारा। खाद्य एवं औषधि विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई। टीम ने वहां से मिलावटी दूध बनाने का सामान काफी मात्रा में जब्त किया। टीम ने कुल चार नमूने लेकर उन्हें प्रयोगशाला के लिए भेजा है। यहां से 40 टिन पॉम ऑयल, एक बोरी माल्टोज व 35 लीटर तैलीय द्रव्य बरामद किया। सारा सामान सीज कर दिया है।

बुधवार की देर रात को सादाबाद की पीआरवी वैन को सूचना मिली कि गांव मोनिया में दूध का कारोबार करने वाले रिकू सिंह पुत्र महावीर सिंह के यहां सिंथेटिक दूध बनाया जा रहा है। सूचना पर पीआरवी वैन मौके पर पहुंची। सूचना देकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम को भी बुला लिया गया। मौके पर टीम को कोई व्यक्ति वहां नहीं मिला मगर मौके पर मिले पॉम ऑयल, माल्टोज व तैलीय द्रव्य का नमूना लेकर जांच के लिए भेज दिया। छापेमारी के दौरान अभिहित अधिकारी देवाशीष उपाध्याय, खाद्य सुरक्षा अधिकारी के एल वर्मा आदि मौजूद रहे। सुबह गायब हो गया टैंकर

रात के वक्त छापेमारी के दौरान एफडीए ने वहां मौजूद टैंकर से दूध का नमूना लिया था। सुबह के वक्त जब टीम वहां मौके पर पुन: पहुंची तो टीम के सदस्य हतप्रभ रह गए, क्योंकि मौके पर टैंकर मौजूद नहीं था। अभिहित अधिकारी देवाशीष उपाध्याय के मुताबिक टैंकर स्वामी को नोटिस जारी किया जा रहा है। टैंकर में करीब 200 लीटर दूध था। मिलावटी दूध होता है तैयार

जो सामान गांव मोनिया में टीम ने बरामद किया था, उसका प्रयोग मिलावटी दूध तैयार करने के लिए किया जाता है। अभिहित अधिकारी के मुताबिक मौके पर कोई मिला नहीं था, जिसकी वजह से इसकी जानकारी नहीं हो पाई कि आखिर इतनी मात्रा में पॉम ऑयल आदि क्यूं वहां रखा था। वैसे जो चीजें मौके पर मिली हैं,उनका प्रयोग मिलावटी दूध तैयार करने के लिए किया जाता है। आसपास के क्षेत्रों में चल रहा खेल

मिलवटी दूध बनाने का कारोबार जिले में कई स्थानों पर चल रहा है। इस खेल को पकड़ने की जिम्मेदारी एफडीए की है। विभागीय अधिकारियों के द्वारा समय-समय पर छापेमारी करके कार्रवाई की जाती है। इसके बाद भी मिलावटी दूध का कारोबार चल रहा है। सादाबाद में गांव मोनिया के अलावा आसपास के कई गांवों में यह कारोबार चल रहा है। मीठा जहर है मिलावटी दूध

मिलावटी दूध में पाउडर के अलावा रसायन और पॉम ऑयल का प्रयोग होता है। मिलावटी दूध इतना खतरनाक होता है कि इसका सेवन करने से शरीर के अंग धीमे-धीमे खराब होने लगते हैं। लिवर, किडनी को खराब कर देता है। इतना ही नहीं कैंसर की बीमारी भी मिलावटी दूध को पीने से होती है। छोटे बच्चों के लिए तो यह दूध जहर के बराबर है। इनकी सुनो

पुलिस की सूचना के बाद गांव मोनिया में छापेमारी की गई थी। जो सामान वहां से बरामद किया गया, उसका प्रयोग उनकी नजर में मिलावटी दूध बनाने के लिए होता है। कुल चार नमूने मौके से लिए गए हैं, कमरे में सामान को सीज कर दिया गया है।

-देवाशीष उपाध्याय, अभिहित अधिकारी।

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