संवाद सहयोगी, हाथरस : तहसील सदर की अस्थाई सुरक्षा गार्द में तैनात दो हेड कांस्टेबलों में बुधवार रात मारपीट हो गई। मेडिकल कराने के बाद एक सिपाही के शराब पीने की पुष्टि हुई। प्रतिसार निरीक्षक की रिपोर्ट के बाद पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने दोनों सिपाहियों को निलंबित कर दिया। दोनों के खिलाफ विभागीय जांच कराई जाएगी।

मुख्य आरक्षी हरीकृष्ण एवं बनी सिंह की ड्यूटी तहसील सदर की अस्थाई सुरक्षा गार्द के रूप में लगी हुई थी। बुधवार रात दोनों सिपाहियों के मध्य किसी बात पर विवाद हो गया। बाद में मारपीट होने की जानकारी लगने पर प्रतिसार निरीक्षक मौके पर पहुंचे। तब भी दोनों सिपाही आपस में लड़ रहे थे, जिनको तत्काल गार्द से हटा दिया गया। मेडिकल परीक्षण रिपोर्ट में सिपाही हरीकृष्ण शराब के नशे में पाया गया। इस प्रकरण की जानकारी प्रतिसार निरीक्षक ने पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल को दी। एसपी ने प्रतिसार निरीक्षक से इस प्रकरण में रिपोर्ट तलब कर ली। उनकी रिपोर्ट के आधार पर एसपी ने दोनों सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। एसपी का कहना है कि दोनों के पुलिस जैसे अनुशासित विभाग में रहते हुए आपस में झगड़ा किया। मुख्य आरक्षी हरीकृष्ण ने शराब का सेवन कर पुलिस विभाग की छवि धूमिल की। दोनों ने कर्तव्य पालन में घोर लापरवाही, शिथिलता एवं अनुशासनहीनता बरती है। दोनों को निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ विभागीय जांच भी होगी। दबंगों ने विधवा को मारपीट

कर उनके घर से निकाला

संसू, सिकंदराराऊ : कोतवाली क्षेत्र के गांव गंगागढ़ी निवासी राजेश्वरी देवी बेवा रघुवीर सिंह ने तहरीर में बताया है कि वह गांव में अकेली रहती हैं। उनका एक मकान है। गुरुवार की सुबह नौ बजे उनके गांव के ही नामजद लोग गाली गलौज करते हुए उनके घर पर कब्जा करने की नीयत से घुस आए। विरोध करने पर मारपीट की। पीड़िता को घर से निकाल दिया। पीड़िता को दोबारा घर में घुसने पर या पुलिस से शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी है।

Edited By: Jagran