संवाद सहयोगी, हाथरस : लाला का नगला में एलपीजी सिलेंडर का प्रयोग करते समय हादसा हो गया। लीकेज के कारण सिलेंडर ने आग पकड़ ली। सिलेंडर फटने के डर से आग बुझाने का प्रयास किया गया, जिसमें दो महिलाएं व एक बच्चा सहित चार लोग झुलस गए। इन्हें अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज ले जाया गया है।

लाला का नगला के रहने वाले ओमप्रकाश पुत्र रोशनलाल के घर में मंगलवार की सुबह रोजाना की तरह काम हो रहा था। ओमप्रकाश की पत्नी माया देवी रसोई में चाय बना रही थीं। उनका नाती नितिन (2) पुत्र बंटू व भांजी रचना भी वहीं बैठे थे। लीकेज के कारण सिलेंडर ने आग पकड़ ली। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि रचना, नितिन व माया देवी चपेट में आ गए। चीख-पुकार सुन बंटू उन्हें बचाने दौड़ा तथा आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। हादसे में वह भी झुलस गया। शोर सुनकर पड़ोसी जुट गए। घायलों को जिला अस्पताल ले जाया गया। इधर लोगों की मदद से गैस सिलेंडर को बाहर निकाल लिया गया। सिलेंडर फटने के डर से मोहल्ले में अफरा-तफरी मची रही। लोगों ने गीले कपड़े व बोरी डालकर जैसे-तैसे आग को बुझाया। इधर, हादसे में ओमप्रकाश के घर का सामान भी जल गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। हादसे में परिवार का काफी नुकसान हुआ है। रचना की हालत नाजुक बताई जा रही है।

हाल ही में अग्निशमन विभाग ने 14 से 20 अप्रैल तक अग्निशमन सुरक्षा सप्ताह मनाया है। इसमें अग्निकांड से बचाव के लिए लोगों को जागरूक किया गया। गैस सिलेंडर से होने वाले हादसों से बचने की विशेष रूप से जानकारी दी गई। विभाग के ये प्रयास काम आते नहीं दिख रहे।

इलाज के लिए किया इमरजेंसी में हंगामा

हाथरस : लाला का नगला में गैस सिलेंडर में आग लगने से घायल हुए चारों लोगों को जिला अस्पताल लाया गया था। इमरजेंसी में पड़े घायल तड़प रहे थे। उन्हें सही उपचार न मिलने पर परिजन व साथ आए लोग भड़क गए तथा चिकित्सक व स्टॉफ से कहासुनी हो गई। उपचार न मिलने पर इमरजेंसी में जमकर नोक-झोंक हुई। अपनों को तड़पता देख परिजनों से देखा नहीं गया। हंगामे के बाद चिकित्सकों ने आनन-फानन उपचार शुरू किया। बाद में इन्हें अलीगढ़ के लिए रेफर कर दिया गया।

Posted By: Jagran

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