जागरण संवाददाता, हाथरस : जिला अस्पताल की इमरजेंसी की तरह अब महिला अस्पताल भी रेफर सेंटर बनता जा रहा है। यहां रात में प्रसूताओं को इलाज के बजाय टरका दिया जाता है। उनके साथ अभद्रता होती है और प्राइवेट अस्पताल के लिए रेफर कर दिया जाता है। ऐसे में उन्हें दिक्कतों के साथ महंगा इलाज करवाने को मजबूर होना पड़ता है। रात में आने वाले अधिकतर मरीजों के साथ यही व्यवहार होता है। कुछ महिलाएं यहां सक्रिय रहती हैं, जो कमीशन के एवज में प्रसूताओं को प्राइवेट अस्पताल ले जाती हैं। इसे लेकर मैंडू गेट की रहने वाली शिवा गुप्ता ने एक अगस्त के संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम अमित कुमार ¨सह से शिकायत की थी। उन्होंने मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने अस्पताल के स्टाफ पर गलत व्यवहार करने का भी आरोप लगाया है। इस पर डीएम ने सीएमओ को जांच के आदेश दिए हैं और रिपोर्ट मांगी है।

प्रार्थना पत्र में शिवा ने कहा है कि जुलाई में प्रसव पीड़ा के चलते उन्हें परिजन रात को जिला महिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां स्टाफ ने उन्हें टरका दिया और अभद्रता भी की। इसी बीच अस्पताल में मौजूद एक महिला ने खुद को नर्स बताते हुए उन्हें जानने वाले प्राइवेट अस्पताल में जाने की सलाह दी। नर्स प्राइवेट एंबूलेंस से उन्हें जिला अस्पताल के पास ही एक प्राइवेट नर्सिंग होम में ले गई। ऐसे में परिजनों को मानसिक कष्ट झेलने के साथ महंगा इलाज भी करवाना पड़ा।

इनका कहना है

सासनी में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में महिला ने डीएम से शिकायत की थी। इसकी जांच एसीएमओ डॉ. संतोष कुमार को दी है। जांच रिपोर्ट आने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

- डॉ. रामवीर ¨सह, सीएमओ

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