संवाद सहयोगी, हाथरस : कोतवाली चंदपा में तैनात उपनिरीक्षक अवधेश प्रजापति को चोरी की घटना की विवेचना में मनमानी करना महंगा पड़ गया। बिना किसी साक्ष्य के विवेचना में एक युवक का नाम बढ़ाए जाने पर एसपी ने उन्हें लाइन हाजिर कर दिया है। दारोगा के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।

चंदपा के गांव महमूदपुर जाटान में 24 मार्च को अशोक कुमार के मकान में चोरी हुई थी। जेवरात व नकदी चोरी होने की रिपोर्ट पीड़ित ने अज्ञात के खिलाफ दर्ज कराई थी। इस घटना की विवेचना उपनिरीक्षक अवधेश प्रजापति को सौंपी गई। विवेचना के दौरान उपनिरीक्षक पर गांव के ही एक युवक को लगातार परेशान किए जाने का आरोप लगा। इस संबंध में युवक के बाबा केशव देव ने पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल से शिकायत की। आरोप था कि बिना किसी साक्ष्य के उक्त युवक का नाम विवेचक के जरिये प्रकाश में लाया गया है। पुलिस अधीक्षक ने पूरे प्रकरण की जांच सीओ सादाबाद ब्रह्म सिंह को सौंपी। सीओ की जांच में विवेचना में लापरवाही सामने आई। एसपी ने सीओ की रिपोर्ट के आधार पर आरोपों को प्रथम ²ष्टया सही मानते हुए उपनिरीक्षक अवधेश प्रजापति को लाइन हाजिर कर दिया। अब चोरी की इस घटना की विवेचना चंदपा कोतवाली के एसएसआइ आदित्य शंकर तिवारी को सौंपी गई है। इनका कहना है

चोरी की घटना में भले ही पर्दाफाश नहीं हुआ हो, लेकिन बिना किसी साक्ष्य के किसी निर्दोष व्यक्ति को फंसाना गलत है। इसकी शिकायत पर प्रकरण की जांच सीओ सादाबाद से कराई गई। जांच में उपनिरीक्षक की मनमानी सामने आई है। उन्हें लाइन हाजिर कर दिया गया है। विभागीय जांच कराई जा रही है।

विनीत जायसवाल, एसपी हाथरस