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शहर में घंटों जाम, कुछ तो करिए इंतजाम

तेज गर्मी के बीच फंसे रहे सैकड़ों वाहन यातायात पुलिस फोर्स नदारद बुधवार को भी बागला रोड पर दिनभर जाम रहने की आशंका ट्रेनिंग को मतदान कार्मिकों की भीड़ से लगा बागला रोड पर जाम।

By JagranEdited By: Published: Wed, 07 Apr 2021 04:35 AM (IST)Updated: Wed, 07 Apr 2021 04:35 AM (IST)
शहर में घंटों जाम, कुछ तो करिए इंतजाम
शहर में घंटों जाम, कुछ तो करिए इंतजाम

जागरण संवाददाता, हाथरस : मंगलवार को सुबह नौ बजे से ही तेज धूप और बागला फाटक से होकर पंचायत कार्मिकों की गाड़ियों का जाम में फंसा रेला और पुलिस की गैर मौजूदगी पंचायत चुनाव की तैयारियों के दावे की पोल खोलने को काफी था। पहले से तय था कि एक दिन में 2400 कार्मिकों को बागला कालेज में प्रशिक्षण दिया जाना है, मगर तीन गुना टै्रफिक होने की संभावना के बाद भी ट्रैफिक व्यवस्था नहीं की गई। डीएम की गाड़ी आई तो उनकी सुरक्षा में लगे हमराह पुलिसकर्मियों ने ट्रैफिक को कुछ देर के लिए साफ करा दिया, मगर उनके जाने के बाद फिर दिनभर जाम से लोग कराह उठे। जाम में फंसे राहगीर भी कह उठे, 'यहां तो घंटों जाम, कप्तान साहब कुछ तो करिए इंतजाम।'

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पहले से नहीं किए प्रबंध : भले ही पुलिस प्रशासन पुख्ता चुनावी तैयारियों के दावे भरे, मगर मंगलवार को जिस तरह से तालाब फाटक पर घंटों जाम लगा, उसने दावों की पोल खोल दी। ये तो पहले से तय था कि दो दिन तक बागला कालेज में मतदान कार्मिकों की ट्रेनिग होगी, जिसकी शुरुआत मंगलवार की सुबह नौ बजे से हो गई थी। आठ बजे ही मतदान कार्मिकों का आना शुरू हो गया था। कोई बाइक, स्कूटी से आया तो कोई कार से घर से निकला। बागला कालेज आने से पहले ही तमाम मतदानकर्मी जाम में फंस गए। सबसे ज्यादा बुरा हाल तो सासनीगेट से बागला फाटक रोड का रहा।

पांच घंटे रुक-रुककर लगता रहा जाम

यूं तो बागला रोड पर जाम तालाब फाटक पर बन रहे रेलवे पुल के कारण तब से लग रहा है जब से तालाब फाटक बंद हुआ है, मगर मंगलवार को स्थिति ज्यादा विकट हो गई। सुबह 10 बजे से लेकर तीन बजे तक जबरदस्त जाम रहा। शाम को कार्मिकों का प्रशिक्षण खत्म हुआ तो फिर जाम लग गया। जाम करीब एक किलोमीटर तक लगा रहा। आरपीएफ का एक जवान फोर्स की मौजूदगी भर का अहसास करा रहा था। बाकी न तो हाथरस गेट की पुलिस का कोई सिपाही नजर आया और न ट्रैफिक पुलिस का कोई जवान। सब कुछ भगवान भरोसे था।

जिम्मेदारी पुलिस की भी है :

पंचायत चुनाव के दौरान आने वाली दिक्कतों को दूर करने की जिम्मेदारी अकेले प्रशासन की ही नहीं होती, पुलिस की भी है, मगर पुलिस दायित्वों को निभाने में विफल दिख रही है। अगर वाकई दायित्वों का पालन हो रहा होता तो हाथरसगेट इलाके में रोजाना लग रहे घंटों जाम की ऐसी स्थिति न होती। हद तो तब हो गई जब हाथरसगेट पुलिस की जीप रोड साइड में खड़े होकर एनाउंस कर रही थी कि ट्रैफिक के नियमों का पालन करें। ये देखकर वहां जाम में फंसे लोग बरबस बोले उठे, अब तो भगवान ही मालिक हैं।


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