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हाथरस में छह करोड़ के कर्ज से परेशान स्टेशनरी कारोबारी ने की आत्महत्या, परिवार ने लगाया लेनदारों पर आरोप

By Sachin Singh Edited By: Prateek Gupta
Published: Sat, 27 Jun 2026 08:22 PM (IST)

हाथरस के सर्कुलर रोड पर एक स्टेशनरी कारोबारी अशोक कुमार गुप्ता ने छह करोड़ रुपये के कर्ज और लेनदारों की ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

सांकेतिक तस्वीर।

संवाद सहयोगी, हाथरस। शहर के सर्कुलर रोड पर शनिवार की तड़के स्टेशनरी व्यापारी ने कमरे में फंदे पर लटकर कर आत्महत्या कर ली। व्यापारी पर छह करोड़ रुपये का कर्ज था। शव को कमरे में लटका देख चीख-पुकार मच गई। इलाका पुलिस के पहुंचने पर शव को उताकर कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एक महीने पहले व्यापारी लेनदारों से परेशान होकर घर छोड़ के भी चले गए थे।

चार दिन पहले ही घर लौटे थे, जिसके बाद से दरवाजे पर लेनदारों का आना शुरू हो गया था। आरोप है कि लेनदारों ने डराया व धमकाया था, जिसके बाद उन्होंने यह कदम उठाया। कोतवाली सदर क्षेत्र के पीली कोठी सर्कुलर रोड निवासी स्टेशनरी कारोबारी 58 वर्षीय अशोक कुमार गुप्ता ने शनिवार सुबह घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली

स्वजन ने सुबह करीब छह बजे उन्हें कमरे में फंदे से लटका देखा, तो चीख-पुकार मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिवार का आरोप है कि 2.5 करोड़ रूपये बैंक व करीब 3.5 करोड़ रूपये शहर के हुंडी संचालकों का कर्ज था। लेनदारों की प्रताड़ना से तंग आकर अशोक ने यह कदम उठाया।

मृतक के बेटे ने पुलिस को बताया कि पिता को परिवार ने सुबह पांच बजे तक जीवित देखा था। इसके बाद जब छह बजे के करीब कमरे में गए तो वह फंदे से लटके मिले। अशोक कुमार गुप्ता की सर्कुलर रोड पर अशोक स्टेशनरी के नाम से बड़ी दुकान थी। व्यापार में घाटा होने के कारण उन पर बैंक का लोन और शहर के कई हुंडी संचालकों का मिलाकर करीब छह करोड़ रुपये का कर्ज हो गया था।

पिछले कई महीनों से वह कर्ज को लेकर बेहद तनाव में थे। कर्ज चुकाने का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा था, जिससे वे मानसिक रूप से टूट चुके थे। परिवार ने बताया कि कुछ लेनदार लगातार घर आकर अशोक को परेशान कर रहे थे। कर्ज वापसी के लिए धमकी और गाली-गलौज भी की जा रही थी। इस प्रताड़ना से तंग आकर अशोक करीब एक महीने पहले अचानक घर छोड़कर चले गए थे।

स्वजन ने उनकी काफी तलाश की। चार दिन पहले ही वह घर लौटे थे। स्वजन का आरोप है कि अशोक के घर लौटते ही लेनदार फिर से घर पर आने लगे। सुबह-शाम दरवाजे पर तकादा करने वालों का जमावड़ा लग जाता था। लगातार हो रही बेइज्जती और दबाव के कारण अशोक फिर से डिप्रेशन में चले गए।

शुक्रवार रात भी वह काफी परेशान थे और गुमसुम बैठे रहे। शनिवार की सुबह उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठा लिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर स्वजन को सौंप दिया।

शव का पोस्टमार्टम कराकर स्वजन को सौंप दिया गया है। मामले में कोई शिकायत नहीं दी गई है। अगर तहरीर आती है, तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

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हिमांशु माथुर, सीओ सदर