हाथरस में भगदड़, अब टेंट कारोबारी ने स्वीकारा... सत्संग पंडाल में थे 60 से 62 हजार लोग
हाथरस भगदड़ मामले में गुरुवार को दो गवाहों, टेंट व्यवसायी राज कपूर और दरोगा सौरभ कुमार ने बयान दर्ज कराए। ...और पढ़ें

हाथरस में हुए सत्संग के दौरान भगदड़ में के दौरान छूटे जूते-चप्पल। फाइल फोटो
HighLights
हाथरस भगदड़ मामले में दो गवाहों के बयान दर्ज हुए।
दरोगा ने आगरा मोर्चरी में पोस्टमार्टम ड्यूटी की गवाही दी।
जागरण संवाददाता, हाथरस। सिकंदराराऊ के फुलरई-मुगलगढ़ी गांव में दो जुलाई 2024 को सत्संग के बाद हुई भगदड़ के मामले में गुरुवार को दो गवाहों के बयान दर्ज किए गए। दोपहर करीब तीन बजे टेंट व्यवसायी राज कपूर ने कोर्ट में गवाही दी, जबकि दरोगा सौरभ कुमार ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपने बयान दर्ज कराए। इस हादसे में 121 लोगों की मृत्यु हुई थी और 150 से अधिक लोग घायल हुए थे।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता मुन्ना सिंह पुंडीर ने बताया कि बदायूं निवासी टेंट व्यवसायी राज कपूर ने गवाही में बताया कि उन्होंने सत्संग स्थल पर टेंट लगाया था। उनके मुताबिक, कार्यक्रम में करीब 60 से 62 हजार श्रद्धालु मौजूद थे। बाबा के आने-जाने और प्रवचन के दौरान व्यवस्था सामान्य थी, लेकिन श्रद्धालुओं के बाहर निकलने के समय भीड़ बढ़ने से स्थिति बिगड़ गई।
पुलिस और प्रशासन भीड़ को संभाल नहीं पाए। उन्होंने गर्मी और जल्दबाजी को भी स्थिति बेकाबू होने की वजह बताया। राज कपूर ने कोर्ट में कहा कि उन्होंने किसी सेवादार या आयोजक को डंडे से श्रद्धालुओं को धकेलते, मारते या हटाते हुए नहीं देखा। यह बयान बचाव पक्ष की ओर से प्रस्तुत गवाह की गवाही का हिस्सा है।
पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के लिए लगी थी ड्यूटी
दारोगा सौरभ कुमार ने वीसी के जरिए बयान दर्ज कराते हुए बताया कि घटना के दिन वह आगरा के एमएम गेट थाने में उपनिरीक्षक के पद पर तैनात थे। भगदड़ के बाद करीब 21 शव आगरा की मोर्चरी पहुंचे थे। वहां उनकी ड्यूटी पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए लगाई गई थी।
उन्होंने मृतका पुष्पा देवी के शव की पहचान स्वजन से कराने और इसके बाद पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी होने की जानकारी दी। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपित देव प्रकाश मधुकर समेत 11 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। अगस्त 2025 में सभी 11 आरोपितों के खिलाफ आरोप तय होने के बाद मुकदमे की सुनवाई साक्ष्य के चरण में पहुंच गई थी। मामले में सभी आरोपित जमानत पर बाहर हैं।
