हाथरस: चक्कर खाकर गिर पड़ा फरियादी, सात महीने का वेतन न मिलने की शिकायत लेकर आया था कलक्ट्रेट
हाथरस कलक्ट्रेट में बकाया वेतन की शिकायत लेकर आए एक फरियादी कुंवर जमशेद की अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह ...और पढ़ें

कलक्ट्रेट में गिरे फरियादी का इलाज करते चिकित्सक।
जागरण संवाददाता, हाथरस। कलक्ट्रेट में मंगलवार को उस वक्त खलबली मच गई, जब अपनी शिकायत लेकर आए एक फरियादी की अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह डीएम कार्यालय के बाहर ही जमीन पर गिर पड़ा। मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने तत्काल सरकारी वाहन उसे जिला अस्पताल भिजवाया, जहां उपचार के बाद उसकी हालत में सुधार बताया जा रहा है
कस्बा सिकंदराराऊ के मोहल्ला दमदमा निवासी कुंवर जमशेद पुत्र स्व.जमालुद्दीन का सात महीने का वेतन न मिलने को लेकर डीएम के यहां आए थे। उन्होेंने अपने बात प्रार्थना पत्र के माध्यम से डीएम के सामने रखी। डीएम ने प्रार्थना पत्र पर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। मगर जैसे ही कुंवर जमशेद अपनी बात कहकर डीएम कक्ष से निकलने लगे।
तभी वह गिर गए और वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े और उनके मुंह से झाग निकलने लगे। ये स्थिति देखकर उनको कलक्ट्रेट के सरकारी वाहन से जिला अस्पताल लाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी तबीयत में सुधार आ गया। होश में आने पर फरियादी ने अपना नाम कुंवर जमशेद, निवासी मोहल्ला दमदमा, कस्बा सिकंदराराऊ बताया।
जमशेद ने बताया कि उसके पिता जमालुद्दीन एमआई इंटर कालेज, सिकंदराराऊ में लैब टेक्नीशियन थे। वर्ष 2024 में उनका निधन हो गया था। पिता का करीब चार महीने सात दिन का वेतन बकाया है। कालेज प्रबंधक और प्रधानाचार्य की ओर से सभी जरूरी कागजात तैयार कर हाथरस भेजे जा चुके हैं, लेकिन आरोप है कि डीआईओएस कार्यालय के एक बाबू जानबूझकर बकाया वेतन जारी नहीं कर रहे हैं।
जमशेद ने बताया कि बकाया वेतन जारी कराने के लिए वह लंबे समय से अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है। उसका दावा है कि इस दौरान खर्च चलाने के लिए उसे अपना घर करीब डेढ़ लाख रुपए में गिरवी रखना पड़ा। मंगलवार को वह इसी मामले की शिकायत लेकर कलक्ट्रेट पहुंचा था।
