हाथरस: ई-रिक्शा पर लगेगा क्यूआर कोड, स्कैन करते ही खुलेगा पूरा रिकार्ड
हाथरस पुलिस ने शहर में बेलगाम ई-रिक्शाओं पर लगाम कसने के लिए एक सत्यापन अभियान शुरू किया है। इसके तहत ...और पढ़ें
संवाद सूत्र, हाथरस। शहर की सड़कों पर बेलगाम होकर दौड़ रहे ई-रिक्शाओं अब लगाम कसने की तैयारी है। इनकी अब डिजिटल पहचान होगी। पुलिस ने 600 ई-रिक्शाओं के सत्यापन अभियान की शुरुआत की है। सत्यापन के बाद प्रत्येक वाहन को यूनिक क्यूआर कोड दिया जाएगा।
जरूरत पड़ने पर इसे स्कैन कर वाहन और चालक से जुड़ी जानकारी तत्काल हासिल की जा सकेगी। पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने बुधवार को अभियान का शुभारंभ किया। इसके तहत ई-रिक्शा चालक और स्वामी का पहचान पत्र, मोबाइल नंबर, पता और वाहन संबंधी अभिलेख जुटाए जा रहे हैं।
पंजीकरण, ड्राइविंग लाइसेंस, बीमा और फिटनेस समेत जरूरी दस्तावेजों की जांच के बाद रिकार्ड डिजिटल रूप में तैयार किया जाएगा। क्यूआर कोड व्यवस्था का इस्तेमाल दुर्घटना, यात्री की शिकायत, आपात स्थिति या पुलिस जांच के दौरान किया जा सकेगा। इससे वाहन के साथ उसके चालक की पहचान में भी समय नहीं लगेगा।
पुलिस का उद्देश्य ई-रिक्शा संचालन को सिर्फ दस्तावेजों तक सीमित न रखकर उनकी आवाजाही और यात्रियों की सुरक्षा से जोड़ना है।
एसपी ने चालकों को यातायात नियमों का पालन करने और निर्धारित मार्ग व स्टैंड से ही संचालन के निर्देश दिए। ओवरलोडिंग से बचने, दस्तावेज अद्यतन रखने और महिला व बच्चों की सुरक्षा के प्रति सजग रहने को कहा।
नाबालिगों से ई-रिक्शा चलवाने पर रोक रहेगी और अवैध संचालन मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान एएसपी रामानंद कुशवाह, सीओ सिटी हिमांशु माथुर, प्रभारी यातायात अनूप कुमार आदि मौजूद रहे।
