हाथरस की बूलगढ़ी में फिर भड़का जातीय तनाव, दो पक्षों में मारपीट; गांव में फोर्स तैनात
हाथरस के बूलगढ़ी गांव में दलित और ठाकुर पक्ष के बीच फिर जातीय तनाव भड़क गया, जिसमें नौ लोग घायल ...और पढ़ें

बूलगढ़ी में हुए जातीय संघर्ष में घायल लोगों को अस्पताल लेकर पहुंची पुलिस।
HighLights
दो माह पूर्व दलित युवक की संदिग्ध मौत के बाद से रंजिश।
शांति व्यवस्था हेतु गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
जागरण संवाददाता, हाथरस। कोतवाली चंदपा क्षेत्र के बहुचर्चित गांव बूलगढ़ी में एक बार फिर जातीय तनाव गहरा गया है। मंगलवार देर रात दलित और ठाकुर पक्ष के बीच हुई मारपीट में नौ लोग घायल हो गए। सभी घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया है।
पुलिस मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल शुरू की। गांव में शांति व्यवस्था के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में दो महीने पहले 19 वर्षीय दलित युवक सनी पुत्र संतोष की ट्रैक्टर के नीचे दबकर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। परिजनों ने इसे हत्या बताते हुए मुकदमा दर्ज कराया था।
पुलिस ने ठाकुर पक्ष के आरोपित को जेल भेज दिया था। तभी से दोनों पक्षों में रंजिश चली आ रही है। मंगलवार रात इसी रंजिश के चलते मृतक सनी के स्वजन और आरोपित पक्ष के बीच फिर विवाद हो गया जो मारपीट में बदल गया। दलित पक्ष से संतोष, उनकी पत्नी, शिवा, केशव, शीतल और राजकुमार घायल हुए हैं।
दलित पक्ष का आरोप है कि हमले के दौरान पुलिस मौजूद थी लेकिन बचाने के बजाय वीडियो बनाती रही। घटना की जानकारी मिलने पर भीम आर्मी के पदाधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे। सीओ सिटी हिमांशु माथुर ने भी अस्पताल पहुंचकर दोनों पक्षों से बातचीत की।
संतोष और उनकी पत्नी ने आरोप लगाया कि उनके बेटे की हत्या के बाद अब उन पर हमला किया गया है। दूसरी ओर ठाकुर पक्ष से अनिल, पवन और सपना घायल हुए हैं। सपना ने बताया कि उनके पति बनी सिंह पर झूठा हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया था।
कल रात उनके बेटे को वाल्मीकि समाज के लोगों ने पीटा, बचाने गए स्वजन पर भी हमला किया गया। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोषियों पर कार्रवाई होगी।
