जागरण टीम, हाथरस : बुखार और डेंगू का प्रकोप तो कोरोना संक्रमण से भयानक हो गया है। लगातार बुखार के कारण लोगों की मौतें हो रही हैं। पिछले चौबीस घंटे में दो बच्चों सहित जिले में चार लोगों की मौत बुखार से हो गई। स्वास्थ्य विभाग अभी तक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पंहुचा है कि मौतें किन कारणों से हो रही हैं। स्वास्थ्य विभाग गांवों में शिविर लगाकर दवाइयों का वितरण करने तक सीमित है।

हसायन कस्बा में पचास वर्षीय सोमवती पत्नी सुरेशचंद फल विक्रेता की बुखार के कारण उपचार के दौरान बुधवार देर रात मौत हो गई। दो दिन पूर्व बुखार आने के बाद अलीगढ़ में भर्ती किया गया था। बुधवार की रात तबीयत बिगड़ गई थी।

सासनी क्षेत्र के गांव जरैया गदाखेड़ा के मजरा गदाखेड़ा में बुखार का प्रकोप बढ़ गया है। बुधवार देर रात बुखार से पीड़ित 45 वर्षीय कमला देवी की मौत हो गई। महिला करीब दो दिन से बुखार से पीडि़त थी, जिसे अलीगढ़ मेडिकल कालेज के अलावा निजी अस्पताल में उपचार के लिए लेकर गए थे, लेकिन महिला की जान नहीं बच पाई। मृत महिला आंगनबाड़ी कार्यकर्ता थी। मौत की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग में बेचैनी बढ़ गई है।

रानी (14) पुत्री प्रभुदयाल निवासी रमनपुर को पांच दिन से बुखार आ रहा था। उसकी प्लेटलेट्स काफी गिर गई थी। बुधवार रात में मौत हो गई। कोतवाली सदर के मोहल्ला नाई का नगला निवासी भोला के दो वर्षीय पुत्र की हालत बुधवार रात अचानक बिगड़ गई। स्जवन बच्चे को जिला अस्पताल लेकर आए, जहां चिकित्सकों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। हसायन कस्बा के मोहल्ला दखल निवासी शंकरलाल (62) को डेंगू से पीड़ित होने की आशंका में स्वजन आगरा ले गए जहां उनका उपचार चल रहा है।

लगातार लग रहे स्वास्थ्य शिविर

सासनी के गांव मुहरिया, अमोखरी, धतरोई, जिरौली, दरकौली, लुटसान, हडौली व रामपुर में स्वास्थ्य विभाग ने कैंप लगाकर बुखार पीड़ित लोगों का उपचार किया जा रहा है मगर बुखार का प्रकोप थम नहीं रहा है। सादाबाद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक डा. दानवीर सिंह के निर्देशन में चिकित्सक प्रेमपाल शर्मा ने गांव एदलपुर में कैंप लगाकर मरीजों की जांच करते हुए दवा का वितरण किया। चिकित्सीय टीम के मुताबिक गांव में 47 मरीजों की जांच करते हुए उनको दवा का वितरण किया गया तथा 15 मलेरिया, 11 डेंगू सैंपल जांच को भेजी गई है। सासनी के स्वास्थ्य केन्द्र प्रभारी डा. एसपी सिंह के नेतृत्व में गुरुवार को गांव दरियापुर, अमरपुरघना, लुटसान एवं रघनिया में शिविर लगाकर बुखार से पीडित मरीजों का परीक्षण कर दवाएं वितरित की गईं। गांवों में 229 मरीजों का उपचार, 168 घरों में सोर्स रिडक्शन फ्रिज, कूलर, एवं गमले तथा घरों की छतों पर भरे हुए पानी के बर्तनों को खाली कराया। ओपीडी का कार्य करते हुए मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया जिनमें 47 मलेरिया की जांच तथा 47 डेंगू की जांचें के सैंपल लिए गए। ग्राम प्रधानों ने गांव में एंटीलार्वा का छिड़काव कराया।

Edited By: Jagran