जागरण टीम हाथरस: बुखार से होने वाली मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। जिले में महिला बैंककर्मी समित चार लोगों की जिले में बुखार से मौत होने पर हाहाकार मच गया। स्वास्थ्य विभाग की टीमों के द्वारा लगातार शिविर लगाकर दवा का वितरण कराया जा रहा है। साथ ही मलेरिया व डेंगू की जांच कराई जा रही हैं।

पूनम पचौरी पत्नी लव गौड़ निवासी घंटाघर भारतीय स्टेट बैंक की मंडी समिति शाखा में लिपिक के पद पर कार्यरत थीं। शुक्रवार को पूनम जब बैंक में ड्यूटी को पहुंची तो उन्हें हल्का बुखार आया। शनिवार से बैंककर्मी का उपचार अलीगढ़ के निजी अस्पताल में चल रहा था। सोमवार की रात करीब आठ बजे पूनम की मौत हो गयी। पूनम का शव आते ही कोहराम मच उठा। इधर सरस्वती इंटर कालेज के रिटायर शिक्षक राजवीर सिंह हाल निवासी आवास विकास कालोनी मूल निवासी टुकसान की लंबे समय से तबीयत खराब थी। अब कई दिनों से तेज बुखार आ रहा था। मंगलवार को उनकी मौत हो गयी। सहपऊ देहात के मजरा तकिया में बुखार से 30 वर्षीय रूबीना बेगम पत्नी अली हसन की मौत हो गयी। मृतका के पति अली हसन ने बताया कि उनकी पत्नी को दो दिन पहले ही बुखार आया था। उसने उसका इलाज कस्बे के एक प्राइवेट डाक्टर से कराया था। तबीयत अधिक खराब होने पर मंगलवार को वह उसे इलाज के लिए आगरा ले जा रहा था रास्ते में ही उसकी मौत हो गयी। सादाबाद के गांव गढ़ उमराव में 43 वर्षीय हाकिम सिंह पुत्र बलवीर सिंह का उपचार आगरा के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

लगाए गए शिविर

बुखार का प्रकोप सुनकर मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डा. एसपी सिंह एवं डा. एमआइ आलम के नेतृत्व में गांव रामपुर में स्वास्थ्य शिविर लगाकर बुखार से पीड़ित मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवा वितरित की। सीएमओ के निर्देश पर गांव में कैंप लगाकर लोगों का उपचार किया। क्षेत्र के गांव रामपुर में भी घर-घर बुखार से पीड़ितों की चारपाई पड़ी हुई है। हालांकि जानकारी होने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में जांच पड़ताल शुरू कर दी थी। मंगलवार की सुबह स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में कैंप लगा कर दवा वितरित की।

Edited By: Jagran