जागरण टीम, हाथरस : जिले में बुखार और डेंगू का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रतिदिन किसी न किसी गांव में मौत होने से हाहाकार मचा हुआ है। गुरुवार रात व शुक्रवार को कुल सात लोगों की मौत बुखार के कारण हुई है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने हडौली व धनौटी में शिविर लगाकर मरीजों को दवाई वितरित की। साथ ही मलेरिया व डेंगू की जांच के लिए ब्लड का सैंपल लिया गया।

शुक्रवार को सासनी के गांव हडौली में बुखार से पीडि़त 55 वर्षीय हरप्यारी व 12 वर्षीय बालिका कु.खुशी की मौत हो गई। इससे विभाग में खलबली मच गई। गांव हडौली में इससे पहले भी बुखार से पीड़ित महिला एवं पुरुष की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग गांव में कैंप लगाकर बुखार पीड़ित लोगों का उपचार कर रहा है। बताया गया है कि महिला को परिजन उपचार के लिए दिल्ली ले जा रहे थे। रास्ते में उसकी मौत हो गई। बालिका ने गांव में ही दम तोड़ दिया। 55 वर्षीय दयावती पत्नी धर्मवीर निवासी रामपुर की शुक्रवार को अलीगढ़ के निजी अस्पताल में मौत हो गई। जिला अस्पताल से गंभीर हालत में अलीगढ़ रेफर किया गया था।

शहर के मधुगढ़ी के 24 वर्षीय विशाल का उपचार अलीगढ़ में चल रहा था। शुक्रवार को युवक की मौत हो गई। गांव कपसिया निवासी सफी मोहम्मद का 26 वर्षीय बेटा बल्लू खाँ पांच दिन से बुखार से पीड़ित था। स्थानीय स्तर पर हालत में सुधार न होने पर स्वजन उसे तीन दिन पूर्व अलीगढ़ मेडिकल कालेज ले गए थे, जहां भर्ती न करने पर मलखान सिंह जिला अस्पताल में उसका इलाज कराया गया। गुरुवार की शाम को उसकी हालत बिगड़ने लगी तो आनन-फानन अलीगढ़ के ही निजी अस्पताल में ले गए। लखनऊ फोन करने पर दौड़ी टीम

सादाबाद के गांव धनौली में दो दिन के अंदर एक ही घर के दो बच्चों की मौत ने परिवार के लोगों को झकझोर कर रख दिया है। मृत बच्चों के पिता आगरा में जीवन-मौत के बीच झूल रहे हैं। इस गांव में करीब डेढ़ सौ लोग बीमार पड़े हैं। लेकिन स्वास्थ्य विभाग इस बात से पूरी तरह से अनजान है। ग्रामीणों ने लखनऊ फोन करके जानकारी दी तब गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची।

ग्राम धनौली निवासी असलम का पूरा परिवार बुखार से पीड़ित है। गांव तथा सादाबाद के चिकित्सकों को दिखाया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ, जिसके कारण असलम का 8 वर्षीय पुत्र साहिल की गुरुवार की शाम को मौत हो गई। 10 वर्षीय पुत्र आमिर की शुक्रवार की सुबह बुखार के कारण मौत हो गई। इस परिवार में असलम स्वयं बुखार से पीड़ित हैं आगरा में उपचाराधीन हैं। जबकि उनकी पुत्री सोनम तथा परिवार में चमन, रहीसा, गुंजन आदि भी बुखार से पीड़ित हैं। कई गांवों में लगाए गए शिविर

लगातार हो रही मौतों के कारण स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार गांवों में शिविर लगा रही हैं। सासनी के ग्राम हडौली में करीब दस दिन से बुखार कहर बरपा रहा है। बुखार का प्रकोप बढ़ने की खबर पाकर स्वास्थ्य विभाग की टीम स्वास्थ्य केन्द्र प्रभारी डा. एसपी सिंह के नेतृत्व में गांव हडौली पहुंची। शिविर लगाकर बुखार से पीड़ित मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवा वितरित की। शुक्रवार को अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.बिजेंद्र सिंह व चिकित्साधीक्षक डॉ.रजनेश यादव ने गांव कपसिया व कस्बा के मोहल्ला गौसगंज में शिविर लगाकर लोगों को दवाओं का वितरण किया। उनकी जांच भी कराई। वहीं अधिकारियों ने अपनी मौजूदगी में गांव कपसिया व मोहल्ला गौसगंज में मच्छरों के प्रकोप की रोकथाम हेतु एंटी लार्वा का छिड़़काव कराया। फॉगिग भी कराई। कुरसंडा में नहीं सुधरे हालात

कुरसंडा में पूर्व में तीन बच्चों की मौत हो चुकी है। अब भी 34 वर्षीय रामकिशन चौधरी, 34 वर्षीय रजनी देवी, 20 वर्षीय दर्शन चौधरी, 15 वर्षीय हिमानी निवासी नगला ध्यान को डेंगू की आशंका के चलते आगरा में भर्ती कराया गया है। 21 वर्षीय रचना निवासी नगला मोहन को डेंगू की आशंका के चलते आगरा भर्ती कराया गया है। 14 वर्षीय रामवीर सिंह व 12 वर्षीय देवी सिंह को तेज बुखार होने पर सादाबाद में इलाज चल रहा है।

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