जागरण संवाददाता, हाथरस: हाथरस जनपद में लड़खड़ाते बिजली सिस्टम को सुधारने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया गया है। जिले के जर्जर विद्युत तार, सब स्टेशन समेत बिजली के अन्य कार्यों के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है। प्रस्ताव पर मुहर लगते ही जिले में बिजली व्यवस्था सुधरने लगेगी।

हाथरस जनपद में रामवीर उपाध्याय के ऊर्जा मंत्री रहते काफी काम कराए गए थे। कई नए बिजलीघरों के निर्माण के साथ तमाम ट्रासफार्मर और फीडरों को लगवाया गया था। तब से लेकर अब तक न सिर्फ नगर पालिकाओं की सीमा बढ़ी, बल्कि आबादी भी बढ़ गई। इसलिए अब विद्युत तार से लेकर खंभे और ट्रांसफार्मरों तक की जरूरत महसूस होने लगी है। सैकड़ों किलोमीटर की लाइनें जर्जर हो चुकी हैं। पिछले दिनों कलक्ट्रेट में हुई सांसद राजवीर सिंह दिलेर की मौजूदगी में बैठक के दौरान बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता जगतराम ने पूछे गए सवाल पर बताया था कि 200 करोड़ का प्लान निगम को भेजा गया है। हाथरस के जनप्रतिनिधि भी जनपद में आए दिन हो रहीं घटनाओं को रोकने के लिए देहात क्षेत्रों की जर्जर लाइनों को बदलवाने का अनुरोध ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा से कर चुके हैं। देहात में हो चुके हैं हादसे

सादाबाद के कूपा रोड पर जर्जर लटकते तारों के कारण हो रही दुर्घटनाओं के बाद भी बिजली विभाग लापरवाह बना हुआ है। ग्रामीण से लेकर नगरीय इलाकों में तार लटक रहे हैं। क्षेत्रीय लोगों की शिकायत के बाद भी तार न बदलने से लोगों में नाराजगी है। पूर्व में लटकते तारों की चपेट में आने से कई मवेशियों की मौत हो चुकी है।

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पूरे जनपद में जर्जर बिजली तार बदलवाने और ट्रांसफार्मरों की संख्या बढ़ाने, स्वतंत्र फीडर, बंच लाइन, सब स्टेशनों की संख्या बढ़ाने के लिए ब्योरा दक्षिणांचल वितरण निगम से मांगा गया था। हाथरस के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

- जगतराम, अधीक्षण अभियंता, हाथरस

Edited By: Jagran