जासं, हाथरस : करीब 50 दिन के ब्रेक के बाद बुधवार से यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन फिर से शुरू हो गया। कोरोना के खौफ के कारण परीक्षकों की संख्या काफी कम रही। दोपहर को जिलाधिकारी ने अन्य अधिकारियों के साथ बागला कॉलेज के मूल्यांकन केंद्र पर पहुंचे और जायजा लिया। परीक्षकों पर मोबाइल देख वह भड़क गए। उन्होंने तत्काल मोबाइल जमा कराने के निर्देश दिए।

16 से 25 मार्च तक यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन हाथरस में होना था। इसके लिए बागला इंटर कॉलेज, अक्रूर इंटर कॉलेज और रामबाग इंटर कॉलेज में मूल्यांकन कराया गया था। कोरोना के कारण दो दिन बाद ही इस पर ब्रेक लग गया था। दो दिनों में दोनों कक्षाओं के 25 हजार कॉपियां ही चेक हो सकी थीं। अब सरकार के आदेश के बाद बुधवार से फिर से मूल्यांकन शुरू हुआ। दोपहर करीब सवा 12 बजे दैनिक जागरण की टीम बागला इंटर कॉलेज पहुंची। 12:35 बजे जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार, सीडीओ आरबी भास्कर, जेडी जितेंद्र मलिक, डीआईओएस सुनील कुमार सिंह भी यहां पहुंच गए। थर्मल स्क्रीनिग और सैनिटाइज कराने के बाद अधिकारी केंद्र के भीतर पहुंचे। यहां परीक्षकों में कोरोना का डर साफ दिखाई दे रहा था। मुंह पर मास्क और शारीरिक दूरी का पालन करते हुए मूल्यांकन कर रहे थे। इसी बीच जिलाधिकारी की एंट्री हुई। डीएम ने सबसे पहले उत्तर पुस्तिकाओं के रूम को देखा। वहां उन्होंने प्रभारी के रूप में तैनात शिक्षक से कॉपियों की बंडलों के बारे में जानकारी की। रूम के दूसरे द्वार को बंद कराने के लिए कहा। इसके बाद मूल्यांकन कक्ष में डीएम की एंट्री होने पर समस्त परीक्षक खड़े हो गए। डीएम ने परीक्षकों के पास मोबाइल होने के बारे में पूछा। परीक्षकों ने अपने मोबाइल ऑफ करके जेब में रखे हुए थे। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और तत्काल मोबाइल जमा कराने के निर्देश दिए। कुछ परीक्षकों ने यह भी कहा कि आरोग्य सेतु एप के कारण वह लोग मोबाइल लेकर बैठे हैं, इस पर डीएम बोले कि जब मूल्यांकन हो उस दौरान मोबाइल को जमा करा दें। जिलाधिकारी ने इसके बाद अन्य मूल्यांकन कक्षों और दूसरे रूम को देखा। निरीक्षकों द्वारा सटीक जानकारी नहीं देने पर उन्होंने व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए। जो शिक्षक छोटा मोटा हैंडबैग लेकर आए थे उनको खुलवाकर चैक भी किया।

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गैरहाजिर परीक्षकों को नोटिस देने के निर्देश

मूल्यांकन पार्ट-2 के पहले दिन काफी कम शिक्षक पहुंचे थे। जिलाधिकारी ने इसकी वजह जानने की कोशिश की। डीआइओएस सुनील कुमार ने परीक्षकों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया है कि हाईस्कूल की हिन्दी, उर्दू, संस्कृत, अंग्रेजी तथा गणित विषयों की उत्तर पुस्तिकाओं का यहां किया जा रहा है। हिदी के लिए 142 परीक्षक, 14 डीएचई, उर्दू के लिए 01 परीक्षक, संस्कृत के लिए 33 परीक्षक, तीन डीएचई, अंग्रेजी के लिये 139 परीक्षक, 14 डीएचई, गणित के लिए 91 परीक्षक, 09 डीएचई की ड्यूटी मूल्यांकन कार्य में लगाई गई है। जिसमें हिदी के 116 परीक्षक, 03 डीएचई, उर्दू के एक परीक्षक, संस्कृत के 27 परीक्षक, एक डीएचई, अंग्रेजी के 121 परीक्षक, पांच डीएचई, गणित के 66 परीक्षक, चार डीएचई अनुपस्थित हैं। इस प्रकार कुल तैनात 406 परीक्षकों मे से 75 परीक्षक उपस्थित हैं तथा 331 परीक्षक अनुपस्थित हैं। कुल 40 डीएचई में से 27 डीएचई उपस्थित हैं 13 अनुपस्थित हैं। जिलाधिकारी ने मूल्यांकन कार्य में लापरवाही बरतने वाले अनुपस्थित परीक्षकों तथा डीएचई को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

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थर्मल स्क्रीनिग और सैनिटाइजर के बाद प्रवेश

म ल्यांकन केंद्रों पर पहुंचने वाले प्रत्येक शिक्षक को थर्मल स्क्रीनिग के बाद ही मूल्यांकन केंद्र में प्रवेश दिया जा रहा है। स्क्रीनिग के बाद हाथों को सैनिटाइज करा और उन्हें मास्क देकर कॉपियां चेक करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी शिक्षकों को शारीरिक दूरी का पालन करने के लिए कहा गया है।

Posted By: Jagran

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