जासं, हाथरस : जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी प्रतिभा पाल ने बताया कि शासन की ओर से दिव्यांगों को अपनी जमीन पर दुकान बनाने के अनुदान देने की व्यवस्था की गई है।

सभी श्रेणी के दिव्यांगजन जिनकी वार्षिक आय गरीबी रेखा के लिए निर्धारित आय सीमा के दोगुने से अधिक न हो, आयु-18 वर्ष से कम तथा 60 वर्ष से अधिक न हो, जिनके पास स्वयं की दुकान हो, लीज पर अनुबंध के संचालन के लिए 4 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर शासन द्वारा दस हजार रुपये का ऋण जिसमें से 2,500/- अनुदान तथा -7,500 रुपये ऋण के लिए धनराशि दी जाएगी। जिन दिव्यांगों के पास स्वयं की 110 वर्ग फीट भूमि उपलब्ध है, उनको दुकान निर्माण के अंतर्गत बीस हजार का ऋण के रूप में तथा 5000 अनुदान के रूप में दिए जाने का प्रावधान है। आवेदन पत्र मूल प्रमाण पत्रों की कॉपी स्कैन कर एक निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत ऑनलाइन कर सकते हैं। तीन दिन के अंदर प्रपत्र जमा कराया जाना आवश्यक है। ऑनलाइन आवेदन कर हार्ड कॉपी कार्यालय विकास भवन, हाथरस में निश्चित समय अवधि में जमा कराना होगा। विश्व दिव्यांग दिवस पर कराएंगे सम्मान

जासं, हाथरस : जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी प्रतिभा पाल ने बताया कि जनपद के ऐसे दिव्यांगजन, दिव्यांगता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले तथा दिव्यांगता के क्षेत्र में कार्यरत स्वैच्छिक संगठनों, सेवायोजकों को प्रत्येक वर्ष तीन दिसंबर विश्व दिव्यांग दिवस पर विभाग की ओर से पुरस्कार दिए जाएंगे।

जो पुरस्कार रखे गए हैं उनमें स्वत: रोजगाररत दक्ष विकलांग व्यक्ति, कर्मचारी, उत्कृष्ट दिव्यांग कर्मचारी, अधिकारी उत्कृष्ट सेवायोजक एवं प्लेसमेंट अधिकारी, व्यक्ति विशेष के लिए पुरस्कार, उत्कृष्ट संस्था पुरस्कार, उत्कृष्ट रोल मॉडल के पुरस्कार, दिव्यांगजनों के लिये बाधारहित वातावरण के निर्माण के लिए पुरस्कार,

दिव्यांगजन के पुनर्वासन के क्षेत्र में कार्य के लिए उत्कृष्ट जनपद, उत्कृष्ट लोकल लेवल कमेटी के लिए पुरस्कार, उत्कृष्ट चैनेलाइजिग एजेंसी के लिए पुरस्कार, असाधारण सृजनात्मक कार्याें के लिए पुरस्कार, उत्कृष्ट ब्रेलप्रेस के लिए पुरस्कार, उत्कृष्ट एससेबल वेबसाइट के लिए पुरस्कार दिए जाएंगे।

पुरस्कार तीन दिसंबर को विश्व दिव्यांग दिवस पर पाने के लिए निर्धारित प्रारूप पर आवेदन पत्र एक सप्ताह में जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी, विकास भवन, कक्ष संख्या-104 स्थित कार्यालय में एक सप्ताह में जमा करा दें।

Edited By: Jagran