जासं, हाथरस : गुरुवार को नामांकन करने गईं भाजपा के सदर सुरक्षित सीट से प्रत्याशी अंजुला माहौर के खिलाफ जिला कार्यालय पर कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन व नारेबाजी की। कार्यकर्ता बाहरी प्रत्याशी के स्थान पर स्थानीय दावेदार को टिकट देने की मांग कर रहे थे।

भाजपा ने सदर सीट से आगरा की मेयर रह चुकीं अंजुला माहौर को टिकट दिया है। उन्होंने नामांकन भी कर दिया है। हालांकि उनका नाम जब चर्चाओं में आया था, तभी से विरोध शुरू हो गया था। भाजपा से दावेदार रामवीर भैया, नीतू दिवाकर की ओर से बंगाली सिंह व श्वेता दिवाकर की ओर से पूर्व सांसद राजेश दिवाकर व अन्य ने भी सार्वजनिक रूप से आपत्ति जताई थी। गुरुवार को भाजपा प्रत्याशी नामांकन से पहले अंजुला माहौर बेनीराम बाग स्थित भाजपा के जिला कार्यालय पहुंची थीं। भाजपा प्रत्याशी के जाति प्रमाणपत्र पर भी सवाल उठाए गए थे। अंजुला माहौर जब कलक्ट्रेट में नामांकन करने चली गईं, उसके कुछ देर बाद ही भाजपा के कार्यकर्ता वहां पहुंचे। उनके हाथ में तख्तियां और पार्टी के झंडे थे। उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए नारेबाजी की। इस बीच कार्यालय पर पहले से मौजूद कार्यकर्ताओं ने मना करते हुए शांत रहने को कहा तो उनसे कहासुनी भी हुई। अलीगढ़ रोड शिल्पा गेस्ट हाउस में बनाए गए अंजुला माहौर के चुनाव कार्यालय पर रामवीर भैया व अन्य दावेदार समर्थकों के साथ पहुंचे। रामवीर भैया का कहना था कि वे भाजपा के पुराने कार्यकर्ता हैं। उन्होंने दावेदारी की थी। वे पार्टी के साथ हैं। कांग्रेस प्रत्याशी के विरोध में धरने पर बैठे कार्यकर्ता

जासं, हाथरस : कांग्रेस पार्टी की ओर से हाथरस सदर सुरक्षित सीट से सिकंदराराऊ की चेयरमैन सरोज देवी को प्रत्याशी बनाने पर कार्यकर्ताओं ने विरोध किया। आगरा रोड स्थित जिलाध्यक्ष के कैंप कार्यालय पर दावेदार समर्थकों के साथ धरने पर भी बैठ गए। बातचीत के बाद प्रदर्शनकारी वापस लौटे।

कांग्रेस हाईकमान की ओर से बुधवार को हाथरस की तीनों सीटों के प्रत्याशियों की सूची जारी की गई। सूची जारी होते ही हाथरस सदर सीट से प्रत्याशी का विरोध शुरू हो गया था। उसमें में हाथरस सदर सीट से सरोज देवी को प्रत्याशी बनाया है। इन्हें बाहरी बताते हुए विरोध किया जा रहा है। बताया जाता है कि सदर सीट से 12 ने दावेदारी की थी। उसमें महिला भी थी। जिलाध्यक्ष चंद्रगुप्त विक्रमादित्य का कहना है कि टिकट न मिलने पर कुछ लोग आए थे। प्रदेशाध्यक्ष से बातचीत के बाद उन्हें शांत कर दिया गया। अब कोई विरोध नहीं है।

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