जागरण संवाददाता, हाथरस: विश्व फार्मासिस्ट दिवस के उपलक्ष्य में बुधवार को डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन की ओर से एमडी टीबी हॉस्पिटल में कार्यशाला हुई। इसमें विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। स्वास्थ्य विभाग में फार्मासिस्ट की भूमिका आदि पर भी चर्चा की गई।

एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राकेश सेंगर ने कहा कि फार्मासिस्ट औषधियों का विशेषज्ञ होता है। उसकी जिम्मेदारी है कि आम जन को सुरक्षित और प्रभावी औषधि मिले। इसलिए अंतरराष्ट्रीय फेडरेशन ऑफ फार्मासिस्ट ने इस वर्ष विश्व फार्मासिस्ट दिवस का विषय 'सेफ एंड इफेक्टिव मेडिसिन फॉर ऑल' रखा गया है। बताया कि देश में लगभग 12 लाख डिप्लोमा, बैचलर, मास्टर, पीएचडी फार्मेसी के साथ फार्म डी की शिक्षा प्राप्त फार्मासिस्ट हैं, लेकिन उनकी शिक्षा का उचित उपयोग नहीं हो पा रहा है।

महामंत्री श्यामवीर सिंह ने बताया कि प्रदेश में 2,849 लोगों पर एक फार्मासिस्ट है, जबकि ओपीडी में आने वाले सौ मरीज व 50 बेड पर एक फार्मासिस्ट होना चाहिए। बाजारों में गलत तरीके से बिक रहीं दवाएं की समस्या पर भी चिता जताई गई।

कार्यशाला में फॉर्मासिस्ट अशोक गौतम, मुकेश कुमार सिंह, महेश सेंगर, केके यादव, उदयपाल सिंह, शिवकुमार सिंह, विक्रम सिंह आदि उपस्थित रहे।

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फार्मासिस्ट बनकर समाजसेवा को दे प्राथमिकता संस, हाथरस: मेंडू रोड स्थित माया इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी पर भी कार्यशाला का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि एएसपी सिद्धार्थ वर्मा, डॉ. एसपी सिंह व डायरेक्टर रवींद्र सिह सेंगर ने दीप प्रच्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। डायरेक्टर सेंगर ने विद्याíथयों से फार्मासिस्ट बनकर समाजसेवा को प्राथमिकता देने के लिए प्रोत्साहित किया। इंस्टीट्यूट की चेयरमैन मालती देवी, सीईओ श्वेता सेंगर, डॉ. मनीष कुमार, आरती गुप्ता आदि ने विचार रखे। छात्रों ने प्रदर्शनी लगाई। क्विज व पोस्टर प्रतियोगिता भी हुई। कार्यशाला में प्रताप सिंह, शकुंतला, विशाल सिंह, मोहित त्यागी, यादवेंद्र सिंह, राधा चौधरी, बंटी, तुलसी आदि रहे।

Posted By: Jagran

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