संवाद सहयोगी, हाथरस : बेसिक शिक्षा विभाग के कार्यालय में तैनात लिपिक गजेंद्र कुमार के आने जाने पर पाबंदी लगाते हुए कक्ष को सीज करा दिया है। लिपिक पर अनुदेशक की फर्जी नियुक्ति के प्रकरण में संलिप्तता रहने का आरोप भी लगा था।

मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक की रिपोर्ट पर 24 सितंबर को सचिव, बेसिक शिक्षा परिषद रूबी सिंह ने बीएसए कार्यालय हाथरस में तैनात वरिष्ठ सहायक गजेंद्र कुमार का तबादला कासगंज जिले के लिए कर दिया था। वरिष्ठ लिपिक को अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में लिपिकों की अनियमित नियुक्ति के अनुमोदन तथा गलत तरीके से अनुदेशक की नियुक्ति कराए जाने का दोषी माना गया था। बीएसए ने सचिव के आदेशों को मानते हुए लिपिक को कासगंज के लिए रिलीव कर दिया था। इस प्रकरण के बाद लिपिक की ओर से चार्ज हस्तांतरित न करने पर बीएसए ने लिपिक को 11 नवंबर को नोटिस जारी किया। बीएसए की कार्रवाई के विरूद्ध लिपिक ने कोर्ट का सहारा लिया। लिपिक का आरोप है कि कोर्ट के स्टे मिल जाने के बाद भी उसे ज्वाइन नहीं कराया गया। बीएसए ने शुक्रवार को लिपिक के कक्ष को सीज करा दिया। वहीं कठोर चेतावनी दी है कि बिना अनुमति के कार्यालय में आए तो विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बताते चलें कि लिपिक बिना बीएसए की अनुमति के न केवल कार्यालय में उपस्थित हो रहा है बल्कि कार्यालय संसाधनों का भी निरंतर प्रयोग किया। बीएसए हरीशचंद्र का कहना है कि लिपिक के प्रकरण में सक्षम प्राधिकारी से निर्देश प्राप्त किए जा रहे है। निर्देश प्राप्त होने के बाद ही न्यायालय के आदेशों का पालन किया जाएगा।

Posted By: Jagran

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