जासं, हाथरस : किसान आंदोलन की आंच अभी जनपद में कम नहीं हुई है। इसका असर ब्लाक प्रमुख के चुनाव में भी देखने को मिला है। जिला पंचायत सदस्य के चुनाव के परिणामों से आहत भाजपा जाटलैंड में बैकफुट पर दिखाई दी। सात में दो ब्लाक पर प्रत्याशी नहीं उतार पाई। सादाबाद-सहपऊ ब्लाक में निर्दलीय और रालोद-सपा समर्थित जीते हैं।

किसान आंदोलन को देखते हुए भाजपा ने पंचायत चुनाव से पहले डैमेज कंट्रोल के लिए चौ. राजा वर्मा को जिला प्रभारी बनाकर भेजा था। उन्होंने कई स्थानों पर जाट समाज के लोगों के साथ कई मीटिग की। उधर, समाज के लोगों के साथ रालोद के मुखिया जयंत चौधरी ने भी सभा की थी। 15 अप्रैल को जिला पंचायत सदस्य के चुनाव के लिए मतदान हुआ। जब तीन मई को परिणाम आए तो जनपद की जाटलैंड माने जाने वाली सादाबाद तहसील में भाजपा के पक्ष में परिणाम नहीं आए। यहां के चार वार्डों पर तीन रालोद समर्थित शशि चौधरी, उनके पति प्रदीप चौधरी व उम्मेद सिंह जीते। इसके अलावा निर्दलीय ईशान चौधरी जीते थे। ईशान चौधरी रालोद के बागी प्रत्याशी रहे थे। जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में भाजपा को 24 में से सिर्फ पांच सीट पर ही संतोष करना पड़ा था। यह बात अलग है कि भाजपा जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर काबिज हो गई।

ब्लाक प्रमुख चुनाव की स्थिति : भाजपा में शुरू में सातों ब्लाकों पर समर्थित प्रत्याशी उतारने की तैयारी चल रहीं थी। कहा जा रहा था कि सातों ब्लाकों से जनपद में पैनल में दो- दो नाम गए हैं। हाथरस और सासनी को लेकर आखिरी समय तक कश्मकश रही। बुधवार को जब सूची जारी हुई तब उसमें पांच ब्लाकों पर ही प्रत्याशियों के नाम थे। सादाबाद व सहपऊ ब्लाक को रिक्त छोड़ दिया गया। गुरुवार को ब्लाक प्रमुख नामांकन में सादाबाद व सहपऊ ब्लाक से प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए। सादाबाद ब्लाक से सपा रालोद समर्थित डा. रीना चौधरी व सहपऊ ब्लाक से निर्दलीय रामकिशन निर्विरोध चुनाव जीते हैं। यहां पर उनके सामने कोई दूसरा प्रत्याशी नामाकन करने वाला नहीं था।

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