कमल वाष्र्णेय, हाथरस :

रोडवेज के फर्जी टिकट व चालक-परिचालक गिरोह के पर्दाफाश होने के बाद से उत्तर प्रदेश परिवहन निगम में खलबली मची है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ निगम अब आधुनिक प्रणाली के जरिए सिस्टम में सुधार का प्रयास कर रहा है। वर्तमान में संचालित ईटीएम ठीक से काम नहीं कर रहीं। इसलिए अब इनकी जगह बायोमेट्रिक ईटीएम लाने पर विचार किया जा रहा है।

आगरा व अलीगढ़ परिक्षेत्र में पिछले 15 साल से फर्जी चालक-परिचालक गिरोह सक्रिय था। समय के साथ यह गिरोह निगम पर हावी होता गया। परिक्षेत्र से लेकर मुख्यालय स्तर के अधिकारियों तक को गिरोह ने शीशे में उतार लिया। यही वजह रही कि यहां हर शिकायत को अनदेखा किया जाता रहा। सबूत देने के बाद भी मुख्यालय स्तर के अधिकारियों ने कुछ नहीं किया। ज्यादा हाथ-पैर मारे तो उन्हें रास्ते से हटा दिया गया। शिकायतकर्ता पंकज लवानिया पर मुकदमे दर्ज कराए, धमकाया और जब बात नहीं बनी तो नौकरी से निकलवा दिया गया। अलीगढ़ में एआरएम रहे सुहेल अहमद के साथ गिरोह के सरगना ने अभद्रता भी की थी। उनकी शिकायत पर भी उच्च अधिकारियों ने कुछ नहीं किया। इसलिए उन्होंने वाट्सएप पर दर्द बयां किया था। इतने पर भी अफसर नहीं चेते। सब की मिलीभगत होने के कारण निगम के एमडी को एसटीएफ की मदद लेनी पड़ी। पुलिस के जरिए 21 अगस्त को गिरोह का पर्दाफाश हुआ तथा एक के बाद एक कार्रवाइयां हुईं। सिस्टम में होगा सुधार

जांच में भ्रष्टाचार में लिप्त पाए गए अधिकारियों को निलंबित तो कर दिया गया है, लेकिन अब सिस्टम में सुधार का विचार चल रहा है। शिकायतकर्ता पंकज लवानिया ने बताया कि मुख्यालय स्तर पर अंगूठा स्केन करने वाली ईटीएम लाने की योजना बन रही है। इस संबंध में उनकी उच्च अधिकारियों से बात भी हुई है। अब तक यह गिरोह डिपो से बस बाहर निकलते ही वास्तविक चालक-परिचालक हटाकर बस व ईटीएम अपने कब्जे में ले लेता था। फिर फर्जी परिचालक ईटीएम प्रयोग करता था। यदि बायोमेट्रिक ईटीएम अस्तित्व में आती हैं तो वही परिचालक इसे प्रयोग कर सकेगा, जिसे यह ईटीएम एलॉट की जाएगी। इसके साथ ही नई ईटीएम में वे-बिल, रूट ¨प्रट स्लिप की भी सीमा तय होगी। हाथरस डिपो की 64 ईटीएम खराब

हाथरस डिपो में वर्तमान में 84 बसें हैं तथा 121 ईटीएम हैं। इनमें से 64 ईटीएम खराब हैं। चार-पांच ईटीएम मशीन सही होने के लिए अलीगढ़ में हैं तथा बाकी मुख्यालय भेजी गई हैं। 57 ईटीएम चालू हालत में हैं। बाकी बसों में मैनुअल टिकट बनाई जा रही हैं। मैनुअल में फर्जीवाड़ा की संभावना अधिक रहती है, लेकिन इस समय कार्रवाई का दौर चल रहा है। इसलिए चालक-परिचालक फर्जीवाड़ा करने की सोच भी नहीं रहे। मुख्यालय स्तर से प्रवर्तन दल भी यहां सक्रिय है। इनका कहना है

मुख्यालय स्तर पर इस तरह प्ला¨नग चल रही है। अभी हमारे स्तर पर कुछ नहीं और ना ही हमसे मुख्यालय ने कोई जानकारी मांगी है। यदि बायोमेट्रिक ईटीएम आती हैं तो फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी।

राजेश यादव, प्रभारी एआरएम, हाथरस डिपो

Posted By: Jagran

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