जासं, हाथरस : गुरुवार की देर शाम भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर आजाद गांव बूलगढ़ी में मृतका के घर पहुंचे। पीड़ित परिवार से मिलने के बाद कहा कि वे रात में हाथरस में ही मृतका के घर रुकेंगे। शुक्रवार सुबह 10.30 बजे जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना देंगे। चंद्रशेखर के दौरे के मद्दनजर मीडिया को गांव के अंदर जाने से रोक दिया गया था। इस दौरान अंदर प्रवेश करने को लेकर एक युवक के साथ मारपीट की गई, जिसमें एक व्यक्ति घायल हो गया।

भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर आजाद अपने समर्थकों के साथ गुरुवार शाम बूलगढ़ी पहुंचे। गुरुवार को ही कोर्ट में बूलगढ़ी कांड की सुनवाई भी थी। इससे पुलिस प्रशासन सतर्क था। गांव में चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए थे।

भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर व प्रदेश अध्यक्ष सुनील कुमार चित्तौड़ के अलावा तीन लोगों को गांव में पीड़ित परिवार से मिलने की अनुमति दी गई थी। परिवार से मिलने के बाद भीम आर्मी चीफ ने कहा कि न्याय जन्मसिद्ध अधिकार है। यहां परिवार गंदगी के बीच रह रहा है। आसपास कूड़े के ढेर पड़े हुए हैं। फीरोजाबाद में बीमारी के कारण कई लोग काल कवलित हो चुके हैं। मैं इस कूड़े को ले जाकर डीएम को दिखाऊंगा और मुख्यमंत्री को भी भेजूंगा। हम परिवार को न्याय दिलाने आए हैं। या तो मुख्यमंत्री झूठ बोल रहे हैं या फिर प्रशासन मुंह फेरे हुए है। हम कल प्रशासन से बात करेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से लौटने की अपील की। इससे पूर्व इस दौरान और लोग भी जमा हो गए थे। बताते हैं अंदर जाने को लेकर विवाद शुरू हो गया। कुछ लोग और अंदर जाना चाहते थे। आपस में मारपीट होने से भरत सिंह निवासी छाता (मथुरा) नामक के एक व्यक्ति के सिर में चोट आ गई। वहां पहुंची महिला कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे पीड़ित परिवार से शांति पूर्वक मिलने आए थे। अलीगढ़ में प्रशासन ने नहीं रोका था। भीम आर्मी आजाद समाज पार्टी की मंडल अध्यक्ष मुकेश कुमारी ने आरोप लगाया कि बूलगढ़ी गांव से कुछ समाज विशेष के लोग आए और हमें जबरन रोका जा रहा है। पीड़ित परिवार की ओर से एक व्यक्ति आ रहा था। उसके साथ मारपीट की गई। आजाद को बूलगढ़ी से वापस भेजने को मनाते रहे अफसर

जासं, हाथरस : गुरुवार रात बूलगढ़ी की मृतका के घर रुके भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर आजाद को गांव से वापस जाने के लिए अफसर देर रात तक मनाते रहे। दरअसल चंद्रशेखर ने शुक्रवार को डीएम आवास पर धरने की चेतावनी दे रखी थी, वह भी मृतका के आवास पर गंदगी के मुद्दे को लेकर।

इसके चलते एसडीएम राजकुमार सिंह, एएसपी प्रकाश कुमार व सीओ ब्रह्म सिंह के अलावा मुरसान, चंदपा व सादाबाद कोतवाली के इंस्पेक्टर भी बूलगढ़ी गांव में जमे हुए थे। देर रात 12 बजे तक तक इनके बीच बातचीत का दौर जारी था और चंद्रशेखर अपनी जिद पर अड़े हुए थे।

भीम आर्मी समर्थकों के पहुंचने से गर्माया माहौल, फोर्स तैनात

जासं, हाथरस : बूलगढ़ी में भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर आजाद के पहुंचने से आसपास के गांवों का माहौल गर्मा गया। प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर सीआरपीएफ के जवान और पीएसी तक तैनात कर दी गई। सामाजिक संगठनों के सक्रिय होने पर आसपास के गांवों में भी फोर्स लगाकर बेरिकेडिग कर दी गई। मृतका के घर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई।

नगला भुस पार करते ही भीम आर्मी के कार्यकर्ता थाना चंदपा से पहले जगह-जगह जमा होने शुरू हो गए। इस बीच उन्हें देखते हुए आगरा रोड पर पंडित भोजनालय से लेकर बूलगढ़ी जाने वाले रास्ते तक पर जगह-जगह बेरिकेडिग की गई थी। एसडीएम राजकुमार सिंह के अलावा सीओ ब्रह्म सिंह, सीओ ट्रैफिक अशोक कुमार बाजपेयी के अलावा आसपास के थानों का फोर्स भी बुला लिया गया था। एसडीएम व सीओ लगातार भ्रमण कर रहे थे। वहीं सीआरपीएफ के कमांडर पोलुश लकड़ा के नेतृत्व के सीआरपीएफ के जवान भी मोर्चा संभाले हुए थे। बूलगढ़ी जाने वाले वाले सभी रास्तों पर बैरिकेडिग लगाकर फोर्स बैठा रखा था। खेड़ा परसौली और बघना में भी फोर्स तैनात रहा। मंदिर पर आसपास के लोगों के एकत्र होने की सूचना पर पुलिस और खुफिया विभाग नजर बनाए हुए थे।

मृतका के घर पर दो प्लाटून सीआरपीएफ तैनात

बूलगढ़ी में मृतका के घर पर सीआरपीएफ के 35 जवान लगाए गए हैं। वैसे लगभग 20 जवान तैनात रहते हैं। आठ सीसीटीवी कैमरे भी लगे हुए हैं। गेट पर हर आने जाने वाले की एंट्री रहती है। वहीं भीम आर्मी के चीफ के आने पर उनके सुरक्षा कर्मी उनसे अलग रहे। सीआरपीएफ के जवानों की सुरक्षा में ही वे स्वजन से मिले। गांव में सीमित लोगों के जाने की व्यवस्था की गई थी। सीआरपीएफ कमांडर ने बताया कि पांच लोगों को मिलने की इजाजत दी गई थी।

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