संवाद सहयोगी, हाथरस: हत्या के मामले में तारीख पर आए दो भाइयों को पुलिस ने कोर्ट परिसर से ही उठाने का प्रयास किया। अपहरण के शोर पर अधिवक्ता भड़क गए। भीड़ एकत्रित हो गई। लोगों ने दारोगा से मारपीट कर दी। पुलिस जान बचाकर भागी। कोर्ट परिसर के बाहर तक पुलिस को खदेड़ा गया। मामले की शिकायत मानवाधिकार आयोग में की गई है और पुलिस पर अपहरण के प्रयास का आरोप लगाया है।

पांच जून को सहपऊ के गांव दोहई के पास बाइक सवार बदमाशों ने मां-बेटे से लूटपाट हुई थी। सहपऊ पुलिस को शक था कि इस मामले में शिवकुमार निवासी विधिपुर हाथरस जंक्शन का हाथ हो सकता है। गुरुवार को सहपऊ थाने पर तैनात दारोगा मोहित राणा पूछताछ के लिए शिवकुमार को पकड़ने के लिए कोर्ट परिसर में आई थी। शिवकुमार के खिलाफ हत्या का मामला चल रहा है। हाथरस जंक्शन के गांव विधिपुर के प्रधान रामकुमार उर्फ रामू की 20 जुलाई को जलेसर रोड पर गांव नगला इमलिया के पास हत्या हो गई थी। इस मामले में शिवकुमार, उसका भाई जयवीर सहित आठ लोगों के नाम सामने आए थे। पुलिस ने इन्हें जेल भेजा। अब ये लोग बेल पर हैं। गुरुवार को शिवकुमार व जयवीर तारीख पर कोर्ट आए थे। यहां तारीख के बाद दोनों गांव के लिए लौट रहे थे। कोर्ट परिसर में दोनों ढलान से नीचे उतर रहे थे। वकीलों के बिस्तर के सामने पुलिस ने फिल्मी स्टाइल पर गाड़ी लगाकर दोनों का रास्ता रोक लिया और कार में डालने का प्रयास किया। इस दौरान दोनों की पुलिस से जद्दोजहद हुई। इधर दोनों ने अपहरण का हल्ला मचा दिया। अधिवक्ता घटना देख दोनों को बचाने दौड़ पड़े।

भीड़ देख पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। पुलिस ने भागने का प्रयास किया, लेकिन दारोगा मोहित राणा भीड़ के हत्थे चढ़ गए और उनसे हाथापाई हो गई। वे जैसे-तैसे भीड़ के चंगुल से छूटे। इधर साथी पुलिस कर्मी कार लेकर भागे। अधिवक्ताओं ने कोर्ट परिसर के गेट तक पुलिस को खदेड़ा। अधिवक्ताओं ने पुलिस की इस तरह की कार्यप्रणाली के विरोध में प्रदर्शन भी किया। उन्होंने कहा कि वे इस संबंध में उच्च अधिकारियों से मिलेंगे। शिवकुमार ने मानवाधिकर आयोग में शिकायत भेजी है। इनका कहना है

पूछताछ के लिए युवक को हिरासत में लेने के लिए पुलिस गई थी। अधिवक्ताओं ने इस बात का विरोध किया था। मारपीट की बात सामने नहीं आई है और ना ही दौड़ाया गया है। मामले की जांच सीओ सिटी को दे दी गई है।

सुशील घुले, एसपी

By Jagran