संसू, हाथरस : सासनी में पराग डेयरी की जगह में प्रस्तावित मेडिकल कालेज की जगह का जायजा लेने सोमवार को आगरा एवं दिल्ली से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की टीम आई। विधायक हरीशंकर माहौर के साथ पराग डेयरी पहुंची और जमीन का जायजा लिया। इसके अलावा हाथरस में सीवेज फार्म की जगह को भी देखा।

यूपी के 16 जनपदों में मेडिकल कालेज खोलने का प्रावधान प्रदेश सरकार के बजट में किया गया था। डीएम को मेडिकल कालेज के लिए करीब 15 एकड़ भूमि तलाशने का निर्देश था। सांसद राजवीर सिंह दिलेर की मौजूदगी में इस बाबत चर्चा की गई थी। डीएम ने एडीएम को निर्देश दिया था कि 15 एकड़ भूमि ऐसी जगह चिह्नित करें जो जिला अस्पताल से करीब 10 किमी के दायरे में हो।

प्रस्तावित भूमि का निरीक्षण करने के लिए आगरा से डा. केएस दिनकर तथा दिल्ली से डा. रेखा ग्रोवर ने सीएमओ डा.चंद्रमोहन चतुर्वेदी के साथ स्थलों को देखा। पहले टीम पराग डेयरी सासनी पर पहुंची। इसके बाद सीवेज फार्म की जगह देखा। पराग डेयरी में निरीक्षण के दौरान विधायक हरीशंकर माहौर, ब्लाक प्रमुख सासनी के प्रतिनिधि दिनेश माहौर, मंडल अध्यक्ष ध्रुव शर्मा, चेयरमैन लालता प्रसाद माहौर, शरद माहेश्वरी, सुनीत आर्य, मदन शर्मा, ज्ञानेंद्र शर्मा मौजूद थे। सीएमओ हाथरस चंद्रमोहन चतुर्वेदी ने बताया कि दिल्ली से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय व आगरा मेडिकल कालेज के चिकित्सक की टीम ने जमीन देखी है। जो जगह मानक के अनुरूप होगी, उसका चयन किया जाएगा। टीम ने नवीन लैब के अलावा जिला व महिला अस्पताल भी देखा। दूसरे दिन भी अस्पताल में भर्ती रहा बैग में मिला मासूम

संस, हाथरस: रविवार को तड़के इगलास रोड बाइपास के पास झाड़ियों में एक बैग के अंदर मिले छह माह के बच्चे का उपचार दूसरे दिन भी जिला अस्पताल के सीएनसीयू वार्ड में जारी था। वहीं कोतवाली हाथरस गेट पुलिस बच्चे के स्वजन की तलाश में आसपास के जिलों में भी संपर्क कर रही है।

गांव जोगिया निवासी राजकुमार रविवार की सुबह टहलने के लिए गए थे। बाइपास के निकट ही झाड़ियों से एक बच्चे के रोने-बिलखने की आवाज पर झाड़ियों के अंदर देखा तो एक पिट्ठू बैग में छह माह का बच्चा रो रहा था। राजकुमार बच्चे को अपने घर ले आए और इलाका पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने पड़ताल की। खाली बैग को अपने कब्जे में ले लिया। राजकुमार के निस्संतान भाई गजेंद्र सिंह के सुपुर्द बच्चे को दे दिया। दोपहर बाद बच्चे की तबीयत खराब होने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि बच्चे को यहां कौन फेंक गया। रातभर गजेंद्र सिंह का परिवार बच्चे की देखभाल के लिए जिला अस्पताल में मौजूद रहा। दूसरे दिन सोमवार को भी बच्चा जिला अस्पताल में भर्ती था। इंस्पेक्टर केडी शर्मा का कहना है कि आसपास के जिलों में भी बच्चे की गुमशुदगी के बारे में पड़ताल की जा रही है।

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