जासं, हाथरस : भीषण गर्मी का असर विद्युत व्यवस्था पर दिखाई दे रहा है। ओवरलोडिग व अन्य कारणों से रोजाना 10-12 ट्रांसफारमर फुंक रहे हैं। अन्य दिनों की तुलना में यह दोगुने बताए जा रहे हैं। सबसे अधिक ट्रांसफार्मर 25 केवीए के खराब हो रहे हैं। वर्कशाप में दिनरात इनकी मरम्मत का काम चल रहा है।

ओवरलोडिग की स्थिति : जनपद में शहरी और देहात क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति के लिए ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। इन ट्रांसफार्मरों की क्षमता 10 केवीए से लेकर 630 केवीए तक है। देहात क्षेत्र में नलकूप कनेक्शन के लिए 25 केवीए ट्रांसफार्मर अधिक लगाए जाते हैं। आजकल गर्मियों में बिजली की अधिक जरूरत पड़ती है, क्योंकि पंखा, कूलर के अलावा एसी चलाए जा रहे हैं। इसके अलावा घरों में फ्रिज व कमर्शियल रूप से डीफ फ्रीजर व आइस फैक्ट्री में बिजली की अधिक खपत हो रही है। इसका असर बिजली की लाइनों के अलावा ट्रांसफार्मरों पर भी पड़ रहा है।

अनमीटर्ड एरिया भी एक वजह : शहर और देहात में कई इलाके ऐसे हैं जहां पर बिना मीटर के बिजली का प्रयोग हो रहा है। यहां पर सीधे तार डालकर बिजली का प्रयोग किया जा रहा है। वहीं, मीटर को बाईपास कर बिजली का प्रयोग कर रहे हैं। इससे बिजली की लाइन और ट्रांसफार्मरों पर लोड अधिक बढ़ रहा है। बिजली चोरी की वजह से विभाग को उपकरण की खराबी के साथ राजस्व प्राप्त न होने का भी नुकसान झेलना पड़ रहा है।

स्टाक की स्थिति : 10 केवीए के 85, 16 केवीए के 21, 25 केवीए के 103, 63 केवीए के 75, 100 केवीए के 50, 160 केवीए के तीन, 250 केवीए के आठ, 400 केवीए के आठ, 630 केवीए के तीन ट्रांसफार्मर का स्टाक रहता है। कभी इससे कम और अधिक भी हो जाते हैं।

गर्मी में ट्रांसफार्मरों पर लोड अधिक रहता है। इस कारण ट्रांसफार्मरों के फुंकने की संख्या अधिक हो रही है। 25 केवीए के ट्रांसफार्मर अधिक फुंकते हैं।

आरके सिंह, अभियंता, प्रभारी वर्कशाप।

Edited By: Jagran