हरदोई के मन्नापुरवा उपकेंद्र में भरा पानी, जिले के बड़े भाग में बिजली आपूर्ति पर मंडराया संकट
Power Sub Station: उपकेंद्र में जलभराव बढ़ने से वहां लगे विद्युत उपकरणों की सुरक्षा प्रभावित होने की आशंका है। यदि ...और पढ़ें
HighLights
स्विचयार्ड में भरा पानी, पंप और डीजल इंजन से निकासी में जुटा विभाग
नाला चोक होने से दोबारा परिसर में पहुंच रहा पानी, अधिकारियों ने सफाई की मांग की
जागरण संवाददाता, हरदोई। बिजली उप केंद्र में बरसात के साथ अन्य पानी की निकासी व्यवस्था न होने से गुरुवार को विकट समस्या खड़ी हो गई है। बारिश से मन्नापुरवा स्थित 220/132/33 केवी उपकेंद्र के स्विचयार्ड में जलभराव होने से बिजली व्यवस्था पर संकट मंडराने लगा है।
विद्युत विभाग पंप और अतिरिक्त डीजल इंजन की मदद से पानी निकालने में जुटा, लेकिन उपकेंद्र के सामने हरदोई-लखनऊ राजमार्ग किनारे मारुति शोरूम के पास बना नाला चोक होने से समस्या बढ़ गई है। निकाला गया बारिश का पानी दोबारा उपकेंद्र परिसर में पहुंचने लगा। अगर जल भराव की समस्या दूर नहीं हुई तो कलेक्ट्रेट, औद्योगिक क्षेत्र ही नहीं मेडिकल कालेज, ट्रामा सेंटर समेत अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर बिजली का संकट खड़ा हो जाएगा।
उपकेंद्र में जलभराव बढ़ने से वहां लगे विद्युत उपकरणों की सुरक्षा प्रभावित होने की आशंका है। यदि पानी का स्तर और बढ़ा तो उपकरणों में खराबी आने के साथ विद्युत आपूर्ति बाधित हो सकती है। इस उपकेंद्र से जिला मुख्यालय, न्यायालय, औद्योगिक क्षेत्र, ट्रामा सेंटर, जिला अस्पताल समेत शहर और ग्रामीण क्षेत्रों को बिजली आपूर्ति की जाती है। ऐसे में किसी तरह की तकनीकी खराबी का असर कई महत्वपूर्ण संस्थानों और बड़े क्षेत्र पर पड़ सकता है।
अधिकारियों का कहना है कि बारिश के पानी की निकासी के लिए उपकेंद्र के सामने नाला बनाया गया है, लेकिन लंबे समय से सफाई न होने के कारण नाला चोक है। इससे परिसर से बाहर निकाला गया पानी भी पूरी तरह आगे नहीं जा पा रहा है और बहकर वापस उपकेंद्र की ओर आ रहा है। विभागीय कर्मचारियों को लगातार पंप चलाकर पानी निकालना पड़ रहा है।
विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता ने उपजिलाधिकारी को पत्र भेजकर संबंधित विभाग को नाले की तत्काल सफाई कराने के निर्देश देने का अनुरोध किया है। विभाग का कहना है कि समय रहते नाले की सफाई नहीं हुई और जलभराव बढ़ा तो विद्युत उपकरणों को नुकसान पहुंच सकता है। इससे जिला मुख्यालय समेत अस्पताल, न्यायालय और औद्योगिक क्षेत्र की बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है। विभाग फिलहाल पंप और डीजल इंजन के जरिए पानी निकालकर स्थिति नियंत्रित करने का प्रयास कर रहा है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए नाले की सफाई जरूरी बताई जा रही है।
