हरदोई: जिला कारागार से हत्यारोपित बंदी को देवरिया में पेशी कराकर लौटते समय गोरखपुर के होटल में उसकी प्रेमिका से मिलाना तीनों सिपाहियों को भारी पड़ गया। पुलिस अधीक्षक ने सोमवार को ही तीनों को निलंबित कर दिया था। देर रात पहुंचे बंदी को तो जेल में दाखिल कर दिया गया, लेकिन उसे ले जाने वाले तीनों पुलिसकर्मियों को भी मंगलवार को जेल भेज दिया गया।

मूल रूप से देवरिया जिले के पत्थर हट थाना क्षेत्र के गौरी बाजार निवासी डब्लू सिंह उर्फ कामेश्वर सिंह हत्या के मामले में हरदोई जेल में बंद है। सोमवार को उसकी देवरिया में पेशी थी। पुलिस लाइन में तैनात सिपाही आनंद सिंह पुत्र रामाश्रय सिंह यादव, अभय कुमार सिंह पुत्र सुरेंद्र सिंह तथा अमन कुमार पुत्र विमल कुमार रविवार की शाम सात बजे उसे जेल से लेकर गए थे। पेशी के बाद उन्हें कामेश्वर सिंह को हरदोई लाना था, लेकिन वह उसे गोरखपुर में एक होटल में लेकर चले गए। वही उसकी प्रेमिका उससे मिली। पुलिस ने छापा मारकर सभी को पकड़ लिया। गोरखपुर एसपी की सूचना पर एसपी आलोक प्रियदर्शी ने तीनों सिपाहियों को निलंबित पहले ही कर दिया था। सोमवार की रात सिपाही बंदी को लेकर 11.30 जेल पहुंचे तो उन्हें हिरासत में ले लिया गया। एसपी आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि तीनों सिपाहियों को ड्यूटी के दौरान अपराधी की मदद करने, उसके भागने की कोशिश में साथ देने पर तीनों के खिलाफ आरआई की तरफ से एफआइआर दर्ज कर उन्हें भी जेल भेज दिया गया है।

प्रेमिका के पति की भी कर दी थी हत्या: हत्यारोपित कामेश्वर सिंह काफी शातिर है। उसका बड़ा भाई बबलू सिंह पुलिस का बर्खास्त सिपाही था। वर्ष 2010 में उसका तालाब में शव मिला था। गांव के ही रमेश सिंह पर हत्या का आरोप लगा था। जिसके बाद कामेश्वर ने रमेश सिंह की हत्या कर दी। फिर जेल चला गया। रमेश सिंह के सहयोगी पूर्व प्रधान अरुण सिंह की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी थी। 18 मार्च 2017 को जेल से बाहर आने के बाद उसने अपनी प्रेमिका के पति विवेक की हत्या कर दी थी। प्रेमिका भी जेल गई थी लेकिन उसकी जमानत हो चुकी है। कामेश्वर ही जेल में बंद था और पेशी के लिए जाने के बाद प्रेमिका से मिलने पहुंच गया।

Posted By: Jagran

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