हरदोई: हकीकत एक: बावन बीआरसी के गोदाम में किताबें भरी हैं। खंड शिक्षा अधिकारी का कहना है कि अभी जल्द ही किताबें आई हैं। अब उन्हें विद्यालयों को भेजा जा रहा है।

हकीकत दो: भरावन के प्राथमिक विद्यालय हयातगंज में बच्चों के बैग खाली मिले। उनके पास किताबें नहीं थी। प्रधानाध्यापक मनोज ने बताया कि अभी किताबें आई ही नहीं।

हकीकत तीन: भरावन विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय कुकुरी में किताबों का वितरण नहीं हुआ है। प्रधानाध्यापिका पूर्णिमा सिंह ने बताया कि पुरानी किताबों से पढ़ाया जाता है।

हकीकत चार: बावन के संविलियन स्कूल तत्योरा में किसी भी बच्चे के पास किताब नहीं है। प्रधानाध्यापिका मिथिलेश कुमारी ने बताया कि अभी किताबें नहीं मिली हैं।

प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए मिशन प्रेरणा से लेकर न जाने कितनी योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही मंशा पर भारी पड़ रही है। विद्यालय पहुंच चुके बच्चे किताबों का इंतजार कर रहे हैं और किताबें गोदाम में भरी पड़ी हैं। खबर में शामिल चार उदाहरण तो समझाने के लिए हैं। हर विकास खंड का यही हाल है। जिला मुख्यालय से तो 80 फीसद किताबों का वितरण हो जाने की बात कही जा रही है, जोकि बीआरसी पर गोदाम में भरी हैं और विद्यालयों में बच्चों के बैग खाली हैं। अध्यापकों का कहना है कि जिन बच्चों के पास पुरानी किताबें हैं, उनसे पढ़ाई कराई जा रही है। विद्यालयों की संख्या-3446

बच्चों की संख्या-4,71242

किताबों की संख्या-3292694 -जिला स्तर पर शत प्रतिशत किताबें आ गई हैं, जिन्हें बीआरसी पर भेजा जा चुका है और वहां से वितरण हो रहा है। बीआरसी से रोजाना रिपोर्ट भी ली जा रही है। जल्द ही सभी विद्यालयों में किताबें पहुंच जाएंगी। ---राकेश शुक्ला, जिला समन्वयक प्रशिक्षण

Edited By: Jagran