बावन(हरदोई) : किसानों के हितों की बातें तो खूब कही जाती रहीं, लेकिन बावन में हरदोई-सवायजपुर मुख्य मार्ग के पास बनी सरस हाट गल्ला मंडी की तरफ किसी ने नजर उठाकर नहीं देखा। 30 वर्ष बीतने के बाद भी मंडी का संचालन शुरू नहीं हो सका। इसके चलते क्षेत्र के किसानों को अपनी उपज का सही मूल्य नहीं मिल पा रहा है। किसान उपज बेचने के लिए जिला मुख्यालय से लेकर इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं।

तत्कालीन लघु एवं सिचाई राज्यमंत्री परमाई लाल ने सरस हाट बाजार का शिलान्यास किया था। उसके पश्चात यहां गल्ला मंडी निर्माण कार्य शुभारंभ किया गया। टिन शेड बनवाया गया और चबूतरे भी बने। ग्रामीणों की आस जगी अब मंडी का संचालन शुरू हो जाएगा, लेकिन कई सरकारें आई और चली गई। जनप्रतिनिधियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। किसानों की मांग पर एक बार फिर गल्ला मंडी में पुन: निर्माण कार्य कराया गया, जहां पर 10 दुकानें बनाई गई। दो टिन शेड बनकर तैयार हुए। तत्कालीन मंडी सचिव ने कस्बा में गल्ला मंडी संचालन हेतु दुकानों का आवंटन व नीलामी की। जहां पर एक लाख से लेकर डेढ़ लाख रुपये तक बोली लगाई गई। व्यापारियों ने व्यापार करने के लिए पैसा लगाया। उसके बावजूद इस गल्ला मंडी का संचालन शुरू नहीं हो सका। कस्बा वासियों व ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की उम्मीद अब तक पूरी नहीं हो पाई।

समय से पहले तैयार करते गेहूं व धान : क्षेत्र के ज्यादातर सरदार गेहूं व धान का उत्पादन समय से पहले तैयार करते हैं। मुजाहिदपुर, कमालपुर, निजामपुर, तेरिया, सकरा, सारंगापुर, उदयपुर, खमरिया, बरेला, टीटोरिया, कल्याणसराय, भीखपुर आदि सैकड़ों गांवों के किसान गल्ला मंडी की जल्द शुरुआत की उम्मीद लगाई है। किसानों का कहना है कि गल्ला मंडी शुरू होने से किसानों को उपज का अच्छा भाव मिल सकता है।

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